बदायूं। जिले में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई है। शहर से लेकर गांव तक अघोषित कटौती की जा रही है। इससे करीब पांच लाख लोग प्रभावित हैं। जनपद में 56 उपकेंद्र है। इन उपकेंद्र की क्षमता 870 एमवीए विद्युत आपूर्ति की है लेकिन डिमांड 1150 एमवीए की है। इसलिए गर्मी बढ़ते ही बिजली का संकट हो गया। ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गए। ग्रामीणों को छह से सात घंटे बिजली मिल पा रही है।
चार से पांच घंटे मिल रही गांवों को बिजली
बिनावर। 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र से करीब 104 गांवों को बिजली सप्लाई होती है। करीब एक हफ्ते से बिजली आपूर्ति चार से पांच घंटे ही मिल पा रही है। क्षेत्र के एक लाख से अधिक लोगों को परेशानी हो रही है। सबमर्सिबल न चलने से पेयजल समस्या है। साथ ही इनवर्टर और मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहा है। अवर अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि लोड अधिक होने के कारण दिक्कत हाे रही है। संवाद
वजीरगंज। अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं। भाकियू नेता इसके लिए प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। क्षेत्र के 60 गांवों के 80 हजार से अधिक लोगों की रात की व दिन का चैन उड़ गया है। आठ से नौ घंटे ही बिजली सप्लाई दी जा रही है।
दबतोरी। आसफपुर विद्युत उपकेंद्र के करेंगी ग्रामीण फीडर से लगने वाले लगभग डेढ़ दर्जन गांवों को विद्युत आपूर्ति चार से छह घंटे की हो रही है। कटौती व लो-वोल्टेज के चलते कूलर, पंखे, फ्रिज नहीं चल पा रहे हैं। संवाद
सैदपुर। विद्युत उपकेंद्र से कस्बा समेत 20 गांवों को बिजली सप्लाई की जा रही है। सुबह और दोपहर बिजली नहीं रहती है। चार घंटे ही ही सप्लाई मिल पा रही है। कस्बा समेत 50 हजार लोग प्रभावित हो रहे हैं। ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से एसी, सबमर्सिबल, कूलर, फंखे, फ्रिज ठप हैं। जेई रामस्वरूप ने बताया कि ऊपर से ही वोल्टेज कम आ रहे हैं। संवाद
कोट,
गर्मी में लोड अधिक है। यही वजह है कि ट्रिपिंग हो रही है। ट्रांसफॉर्मर गर्म होने पर विद्युत सप्लाई बंद करनी पड़ती है। अगर ऐसा न किया जाए तो ट्रॉसफार्मर फुंकने का खतरा रहता है। - अखिलेश कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत निगम