बदायूं। भीषण गर्मी के बीच जिले में लगातार बिजली संकट बना हुआ है। विरोध में पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों से मारपीट और बिजली उपकेंद्रों पर प्रदर्शन भी हो रहे हैं। ऐसे में तमाम कोशिशों के बाद भी लाइन लॉस कम नहीं हो रहा। इसका बड़ा कारण बिजली चोरी के साथ जर्जर और लंबी लाइनें भी हैं। शहर से लेकर देहात तक लोगों में पावर कॉरपोरेशन के प्रति गुस्सा है। इस बीच बिजली चोरी रोकने को अभियान भी कारगर साबित नहीं हो रहे।
जिले में पावर कॉरपोरेशन के चार खंड हैं। लाइन लॉस की बात करें तो सबसे ज्यादा खराब स्थिति विद्युत वितरण खंड तृतीय बिसौली और विद्युत वितरण खंड उझानी में है। द्वितीय खंड दातागंज में भी लाइन लॉस हो रहा है। प्रथम खंड में जरूर कुछ सुधार है। ऐसे में लाइन लॉस वालेे इलाकों में इन दिनों ज्यादा बिजली कटौती हो रही है। जिला मुख्यालय पर चौबीस, तहसील मुख्यालयों पर 20 और गांवों में 18 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल है, लेकिन बिजली चोरी के कारण शेड्यूल के अनुसार सप्लाई नहीं हो पा रही। गांव-देहात में स्थिति ज्यादा बदतर है। ऊर्जा मंत्री का फोकस लाइन लॉस को कम करना है। अधिकारी भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि अगर लाइन लॉस घटकर 10 फीसदी के आस-पास आ जाए तो 24 घंटे सप्लाई में किसी तरह की समस्या नहीं होगी।
जिले की बात करें तो इन दिनों लाइन लॉस 30 से 35 फीसदी तक बढ़ गया है। बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान के बावजूद लाइन लॉस को लेकर अधिकारी परेशान हैं। कटिया डालकर बिजली चोरी करने वाले पावर कॉरपोरेशन को चूना लगा रहे हैं वहीं अंधाधुंध कटौती से आम उपभोक्ता त्राहि-त्राहि कर रहा है। शहर और सहसवान में अंडरग्राउंड बिजली केबल होने के बाद भी ओवरहेड लाइनों से भी सप्लाई दी जा रही है। यहां डबल सर्किट सप्लाई के कारण लाइन लॉस हो रहा है। शहर के कई मोहल्लों में अंडरग्राउंड लाइन से सप्लाई है। यहां के लोग ओवरहेड लाइन से कटिया के जरिया बिजली चोरी कर रहे हैं।
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दो श्रेणियों में हो रहा लाइन लॉस
पावर कॉरपोरेशन जितनी बिजली दे रहा है उसके अनुपात में उसे उतना राजस्व नहीं मिल रहा। इसका बड़ा कारण लाइन लॉस है। लाइन लॉस के कारण ही बिजली कटौती हो रही है। पावर कॉरपोरेशन ने लाइन लॉस को दो श्रेणियों में रखा है। एक श्रेणी में बिजली चोरी के कारण होने वाला लाइन लॉस है। दूसरी श्रेणी में तकनीकी कारणों जैसे लोकल फाल्ट, जर्जर और लंबी बिजली लाइनों से होने वाला लाइन लॉस है। बिसौली के कई गांव संभल जिले में शामिल हो गए हैं। यहां मध्यांचल और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की बाउंड्री भी बनती है। इस कारण भी बिसौली में सबसे ज्यादा लाइन लॉस हो रहा है।
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50 फीसदी उपभोक्ता हर माह जमा नहीं करते बिल
जिले में करीब 50 फीसदी ऐसे उपभोक्ता हैं जो हर माह बिजली बिल जमा नहीं करते। इस कारण भी पावर कॉरपोरेशन को नुकसान हो रहा है। बिल जमा न होने के कारणों से भी लाइन लॉस बढ़ रहा है। अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने जिले भर में अवर अभियंताओं के नेतृत्व में लाइन लॉस रोकने के लिए टीमें बनाई हैं। बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ लगातार एफआईआर कराई जा रही हैं, इसके बाद भी लाइन लॉस कम नहीं हो रहा।
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लाइन लॉस रोकने पर पूरा फोकस है। बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। यह बात सही है कि अगर लाइन लॉस कम होता है तो जिले में बिजली सप्लाई में सुधार होगा। प्रथम खंड में लाइन लॉस की स्थिति ठीक है। बिसौली और सहसवान में ज्यादा लाइन लॉस है।
-प्रवेश कुमार, एक्सईएन प्रथम खंड