रविवार को मंडी समिति में दो हजार से अधिक प्रथम मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के दौरान डीईओ एक अभिभावक और गुरु की भूमिका में नजर आए। उन्होंने इस चुनाव की जटिलता को दर्शाते हुए पग-पग पर चौकन्ने रहने की जरूरत पर बल दिया। कहा, इस चुनाव प्रक्रिया में मतदान कार्मिक की भूमिका अहम होती है। इसलिए नियमों को ध्यान में रखते हुए सावधानी एवं सतर्कता के साथ चुनाव को पूरा कराएं। मतदान कार्मिकों की पूरी टीम आपसी समन्वय से एक-दूसरे का सहयोग करे। मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि चैलेंज और टेंडर वोट मतपेटिका में नहीं डाले जाएंगे, ऐसे प्राप्त मतों को निर्धारित लिफाफे में सुरक्षित रखा जाए। मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय ऐसा भ्रम न रखें कि सभी जिम्मेदारी पीठासीन अधिकारी की ही है, यदि किसी भी स्तर पर कोई अव्यवस्था अथवा त्रुटि होती है, तो पूरी पोलिंग पार्टी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई होगी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव प्रत्याशियों की सूची प्राप्त करते समय मिलान अवश्य कर लें कि सभी उम्मीदवारों के नाम एवं उनके प्रतीक चिन्ह मतपत्र पर मुद्रित हैं अथवा नहीं। उन्होंने सभी लिफाफे आदि पोलिंग बूथ पर पहुंचने के बाद रात्रि में तैयार करने की सलाह दी।
मुख्य प्रशिक्षक आजीविका मिशन के उपायुक्त आरपी सिंह ने बताया 17 पहचान पत्रों में कोई भी एक होने पर पूरा परिवार मुखिया की पहचान के बाद मतदान कर सकता है। जीटीआई के प्रधानाचार्य संतोष कुमार ने मतपेटिका को मतदान अभिकर्ताओं के सामने सील करने सील पेपर पर उनके हस्ताक्षर करने और उसको सुरक्षित रखने संबंधी जानकारी दी। प्रशिक्षण में जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा उपस्थित रहे।