बदायूं। कुछ खास मौकों पर महिला सशक्तीकरण को लेकर कई तरह के आयोजन होते हैं। राष्ट्रीय महिला दिवस हो या अंतराष्ट्रीय महिला दिवस, इन मौकों पर स्वयंसेवी संस्थाओं से लेकर राजनीतिक दल तक महिलाओं के हक में नारे देते हैं, लेकिन राजनीतिक पटल पर तस्वीर बिल्कुल अलग है। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। एक दिन बाद बृहस्पतिवार को विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना होनी है, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने महिलाओं को मतगणना एजेंट नहीं बनाया है।
इस बार विधानसभा चुनाव का जिक्र करें तो कांग्रेस ने जिले में बिसौली, शेखूपुर और शहर सीट से महिला प्रत्याशी उतारी हैं। बसपा ने भी छह में से एक बिल्सी सीट पर महिला को प्रत्याशी बनाया। भाजपा और सपा ने किसी सीट पर महिला प्रत्याशी नहीं उतारीं। बृहस्पतिवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना होनी है। भाजपा और सपा की बात छोड़ दें तो कांग्रेस और बसपा के किसी प्रत्याशी ने एक भी महिला को मतगणना एजेंट नहीं बनाया है। भाजपा और सपा ने भी मतगणना एजेंट के रूप में किसी महिला को तवज्जो नहीं दी है।
‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा देने के साथ जिले की तीन सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारने वाली कांग्रेस ने भी उम्मीदों को तोड़ दिया है। खुद महिला प्रत्याशियों ने भी मतगणना में किसी महिला एजेंट अपनी ओर से शामिल करना जरूरी नहीं समझा। इस मामले में हमने सभी दलों के जिलाध्यक्षों से बात की तो सभी का बयान लगभग एक जैसा था। उनका कहना था कि एजेंट बनने में काफी समय तक खड़ा रहना पड़ सकता है। दूसरे दलों के एजेंट या फिर गड़बड़ी की संभावना में प्रशासन के किसी कार्मिक से नोकझोंक भी हो सकती है, इसलिए जानबूझकर महिलाओं को परेशानी में डालना उचित नहीं समझा गया।
पांच महिला प्रत्याशी रहेंगी अंदर
किसी दल ने भले ही महिलाओं को एजेंट न बनाया हो पर प्रत्याशी बतौर पांच महिलाएं मतगणना के वक्त अंदर रहेंगी। बसपा की बिल्सी सीट से प्रत्याशी ममता शाक्य, कांग्रेस की सदर सीट से प्रत्याशी रजनी सिंह, शेखूपुर से ममता देवी प्रजापति, बिसौली से प्रज्ञा यशोदा व बिसौली से जन अधिकार पार्टी की प्रत्याशी रेखा चंद्रा मतगणना के दौरान अंदर रह सकती हैं। यह सभी अपने एजेंट के जरिये मतगणना की स्थिति पर नजर रखेंगी।