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प्रचार सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम छापना होगा

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बदायूं। चुनाव की घोषणा होने के साथ प्रचार सामग्री का तेजी से छपना शुरू हो गया है। चुनाव के दौरान अब प्रिंटिंग प्रेस की मनमानी नहीं चल सकेगी। विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हर प्रत्याशी के पोस्टर बैनर पंफलेट छापने से पहले उसका ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी को देना होगा। पंफलेट में मुद्रक का नाम, प्रकाशित सामग्री की संख्या का भी उल्लेख करना होगा।
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भारत निर्वाचन आयोग ने पोस्टर, बैनर और पंफलेट प्रकाशन को निर्देश जारी किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी दीपा रंजन ने बताया कि इसके तहत कोई भी प्रिंटिंग प्रेस पंफलेट, पोस्टर, बैनर का मुद्रण करने से पहले प्रकाशक से घोषणा प्राप्त करेगा। इस पर प्रकाशक निर्धारित प्रारूप में जानकारी निर्वाचन कार्यालय को देगा। हर मुद्रित सामग्री पर प्रकाशक, मुद्रक का नाम और प्रकाशित प्रपत्रों की संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले मुद्रक को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 की उप धारा एक के तहत छह माह का कारावास या दो हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा प्रत्याशियों को आगाह किया गया कि वे वास्तविक प्रकाशित प्रचार सामग्री की संख्या निर्वाचन आयोग को दें। संवाद
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