बदायूं। घर के बाहर खेल रही तीन वर्षीय मासूम बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने अपने घर में बुलाकर दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट ने बुजुर्ग ओमकार निवासी थाना सहसवान को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नीरज कुमार गर्ग की कोर्ट ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की कैद के साथ 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि अदा न करने पर दोषसिद्ध को चार साल का अतिरिक्त कारावास भोगने का भी आदेश दिया है।
सहसवान थाने में एक महिला ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि 29 मई 2022 की दोपहर करीब 12 बजे वह अपने घर में थी। उसकी तीन वर्षीय पुत्री घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान उसकी पुत्री को ओमकार (गांव वाले उसे ताऊ भी बुलाते हैं) अपने घर में बुला ले गया और उसके साथ गलत काम किया। पुत्री के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसन ने मौके पर पहुंचकर घटना को अपनी आंखों से देखकर शोर मचाया।
इसके साथ ही आरोपी से पीड़िता को छुड़ाया। इस दौरान आरोपी ओमकार मौका पाते ही भाग निकला। सहसवान पुलिस ने आरोपी ओमकार के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा। विवेचना कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
कोर्ट में आरोपी ने आरोपों से इंकार कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई शुरू की। अभियोजन पक्ष ने गवाहों की गवाही कोर्ट में कराई। साक्ष्य उपलब्ध कराए। कोर्ट ने गवाहों की गवाही, डॉक्टरी रिपोर्ट, पीड़िता व वादिनी की गवाही को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त ओमकार को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति अदा की जाएगी।