बदायूं। गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से कटान तेज हो गया है। इससे उसहैत क्षेत्र के गांव अहमदनगर बछौरा के आठ मकान गंगा में समा गए हैं। एक बार फिर से जलस्तर बढ़ने लगा है। पानी बढ़ने से 26 गांवों के लोग दहशत में हैं।
पहाड़ों पर बारिश का असर मैदानी इलाकों में पड़ रहा है। जिले में करीब एक महीने से लोग बाढ़ का दंश झेल रहे हैं। मंगलवार को गंगा में पानी कम था, लेकिन बुधवार को फिर पानी बढ़ गया। कछला में खतरे का निशान 162.40 मीटर पर है। चार अगस्त से खतरे के निशान से पानी नीचे उतरा ही नहीं है। सहसवान के भी चार गांव पानी से घिरे हुए हैं। ग्रामीण पानी कम होने पर जब गांव लौटने की उम्मीदें में थे कि अगले ही दिन पानी बढ़ रहा है। सहसवान में ताेफिया नगला से भी गंगा, महावा नदी के संगम स्थल पर कटान हो रहा है।
उसहैत के 18 गांवों में ज्यादा असर है। गंगा की धारा में हो रहे परिवर्तन के कारण कुछ गांवों से बाढ़ का पानी निकल चुका है। अहमद नगर बछौरा में पानी के उतार से कटान शुरू कर दिया है। गांव के वीर सहाय, संजीव, पवन, राजीव, विपिन, विनोद, राम निवास व गांधी के मकान गंगा में कट गए हैं। इसके अलावा करीब 200 बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। दो साल पहले अहमदनगर बछौरा के लोगों को दूसरी जगह बसाया गया था। कुछ लोग फिर भी अपने बाढ़ प्रभावित गांव में ही रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन ने जगह तो दी है, लेकिन उनके पास मकान बनाने के लिए पैसे नहीं हैं। उनकी खेती पुराने गांव में ही हैं। इसलिए वह विस्थापित नहीं होना चाहते हैं।
सहसवान के गांव भमरौलिया, वीरसहाय नगला, खागी नगला और ताेफिया नगला में अभी भी पानी भरा हुआ है। इन गांवों के लोगों को आश्रय स्थलों पर भेजा गया हैं। इन गांवों के अधिकतर लोग गंगा महावा तटबंध पर डेरा डाले हुए हैं। प्रशासन ने राशन आदि की व्यवस्था की है। तोफिया नगला में गंगा की सहायक नदी महावा का मिलान होता है। पानी बढ़ने की पर यहां पर में यहां कटान हुआ। गंगा का पानी महावा नदी में जाने लगा है।
बाढ़ के हालात
गंगा का जलस्तर - 162.47 मीटर
नरौरा से छोड़ा गया पानी - 1,43,514 क्यूसेक
गंगा की बाढ़ में कटा तोफिया नगला को जाने वाला मार्ग। संवाद- फोटो : स्रोत : संस्थान