जलस्तर खतरे के निशान के 63 सेमी ऊपर पहुंचे के बाद गंगा ने लिया फैलाव। संवाद
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बदायूं। गंगा का जलस्तर बुधवार को कम होने के स्थान पर बढ़ गया है। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को जलस्तर में आठ सेमी तक का इजाफा हुआ है, इसके बाद हालात और भी गंभीर हो गए हैं। तटवर्ती गांवों में सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा गई है। तेजी से कटान भी हो रहा है। तटबंधों पर दबाव बना हुआ है।
मंगलवार को गंगा का जलस्तर मीटर गेज पर 162.52 मीटर दर्ज किया गया, जो सोमवार को 162.55 मीटर पर था। मीटर गेज पर खतरे का निशान 162 और चेतावनी का निशान 161 मीटर पर है। बुधवार को गंगा में नरौरा से 109235, बिजनौर से 56589 और हरिद्वार से 66211 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार को मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 162.63 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 63 सेमी ऊपर है। जलस्तर खतरे के निशान से 63 सेमी ऊपर पहुंचाने के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। दातागंज और सहसवान के तटवर्ती असमया रफतपुर, अहमदनगर बछौरा, सरेली, जटा, परशुराम नगला, तौफी नगला, ठकुरी नगला अदि गांवों में कटान हो रहा है।
जलस्तर बढ़ने के कारण उसावां, उसहैत और गंगा-महावा तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। यहां भी हालात संवेदनशील बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को भी जलस्तर कम होने की उम्मीद नहीं है। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि जलस्तर खतरे के निशान से 63 सेमी ऊपर पहुंच गया है। हालात संवेदनशील बने हुए हैं। बाढ़ खंड की टीमें संवेदनशील स्थानों पर चौबीस घंटे निगरानी कर रही हैं।