वजीरगंज/उझानी (बदायूं)। वजीरगंज थाना क्षेत्र के लखनपुरा गांव में ताराचंद (55) की हत्या करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका सगा बेटा संजीव ही निकला। उसने जमीन के लालच में पिता की सोते समय कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। वहीं, चार दिन पहले हिमांशु सागर (17) की हत्या करने वाला उसकी मां का प्रेमी निकला। दोनों के बीच नाजायज संबंधों का पता चलने पर ममता ने बेटे हिमांशु की हत्या का तानाबाना बुना। किरायेदार प्रेमी ब्रह्मपाल यादव ने अपने दामाद की मदद से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव जरीफनगर इलाके में खेत में फेंक दिया था।
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा ने ताराचंद हत्याकांड का खुलासा कर बताया कि 22 अगस्त की रात लखनपुरा गांव में करीब 55 वर्षीय ताराचंद की चौपाल के बरामदे में चारपाई पर सोते समय धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई थी। दूसरे दिन ताराचंद के बेटे संजीव ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पता चला कि ताराचंद पर कई लोगों का कर्ज था। कर्ज चुकाने के लिए वह अपनी जमीन बेचना चाहता था।
हत्या से एक पहले ताराचंद अपने तहेरे भाई के नाम जमीन का बैनामा कराने भी गया था, लेकिन बैनामा नहीं हो सका था। आशंका जताई जा रही थी कि ताराचंद की हत्या में किसी नजदीकी का हाथ है। छानबीन के दौरान पता चला कि हत्या उनके बेटे संजीव ने ही की थी। वह पिता के जमीन बेचने के निर्णय से खिन्न था। इधर, उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव बुर्रा फरीदपुर निवासी हिमांशु (17) पुत्र नत्थू सिंह का हत्यारा जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव दुर्गपुर निवासी ब्रह्मपाल यादव उसी के उझानी स्थित दूसरे मकान में किरायेदार था। यहां रहकर ब्रह्मपाल के ममता से संबंध हो गए। पिछले महीने हिमांशु को इसका पता चला तो वह विरोध में उतर आया। चूंकि हिमांशु के पिता अपने पैतृक घर पर ज्यादातर रहते थे, सो मां ने प्रेमी से मिलकर बेटे का ठिकाने लगाने की योजना बना ली थी। एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि महिला समेत दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और खून से सनी बनियान बरामद
संजीव को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और खून लगी उसकी बनियान भी बरामद हुई है। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि पिता पर कई लोगों का कर्ज था और वह जमीन बेचना चाहते थे, जबकि वह स्वयं नहीं चाहता था। इसलिए उसने पिता की हत्या की। पुलिस ने संजीव को बुधवार शाम जेल भेज दिया।
मां के प्रेमी ने पहले शराब पी, फिर दामाद संग गला दबाया
ब्रह्मपाल ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए मय ई-रिक्शा हिमांशु को सहसवान के गांव पटपरागंज बुला ले गया। अपने दामाद राजू पुत्र हरी सिंह की मदद से हिमांशु की हत्या से पहले दहगवां बाजार में शराब पी। बाद में उसे अजीजपुर की ओर ले जाकर पहले गला दबाया, फिर शव धान के खेत में और कपड़े पास में गन्ने की फसल में फेंक दिए। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो ममता और उसके प्रेमी ने हकीकत बयां कर दी। ई-रिक्शा और मृतक के कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं।
बेटे के कत्ल में प्रेमी ब्रह्मपाल संग गिरफ्तार ममता। संवाद- फोटो : BADAUN