वजीरगंज। भगवान राम के ने अपने तरकश से चलाए तीरों के प्रहार से सतरंगी आतिशबाजी के साथ अहंकारी रावण और मेघनाथ के पुतलों का दहन कर दिया। बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन देखने हजारों की भीड़ उमड़ी।
रामलीला ट्रस्ट की ओर से चल रही रामलीला रंगमंच पर मंगलवार को रावण वध की लीला का मंचन हुआ। शाम को रामलीला मैदान में राम, लक्ष्मण व हनुमान के प्रतिरूप में उनकी सेना युद्ध करने आई। सबसे पहले राम भक्त हनुमान ने लंका में घुसकर रावण की सोने से बनी लंका में आग लगा दी। इसके बाद राम व रावण के बीच जमकर युद्ध हुआ, जिसमें राम ने रावण का वध कर दिया और फिर रावण, मेघनाथ के पुतलों पर भी तीरों की बौछार कर उनको दहन किया। पुतला दहन के बाद रावण की अस्थि रूपी बांस प्राप्त करने को लेकर लोगों में भगदड़ सी मच गई। लोगों का मानना है कि इस बांस को घर में रखना शुभ होता है। कमेटी अध्यक्ष राहुल वार्ष्णेय, प्रचार प्रसार व्यवस्थापक अरुण शर्मा, सर्वेश उपाध्याय,रवि वार्ष्णेय, विमलेश गुप्ता, अनिल गुप्ता, अमित वार्ष्णेय, उपेंद्र, योगेश वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष मुकेश वार्ष्णेय मौजूद रहे। संवाद
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दिखाया गया लक्ष्मण शक्ति की लीला का मंचन
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव बेहटा गुंसाई में चल रही रामलीला के मंच पर सोमवार की रात कलाकारों ने राम दल और लंकापति रावण की सेना में चल रहे युध्द में मेघनाथ द्वारा शक्ति बाण मार कर मूर्छित करने की लीला का मंचन दिखाया गया जाता है। युध्द में लगातार हो रही हार से परेशान रावण सेनापति मेघनाद को युध्द में भेजने का निर्णय लेता है। जहां पर मेघनाथ और लक्ष्मण में घनघोर युद्ध होता है। अंत में मायावी मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। इससे रामदल में शोक की लहर दौड़ जाती है। लंका के वैद्यराज सुषेष ने बताया कि लक्ष्मण का उपचार अत्यंत मुश्किल है। अगली सुबह तक द्रोणागिरि पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर पिलाने के बाद ही लक्ष्मण के प्राण बच सकते हैं। ये सुनकर हनुमान जी बूटी लाने चल देते हैं। मंचन के दौरान मेला कमेटी के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। संवाद
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युद्ध के बाद फूंका गया रावण का पुतला
बदायूं। रुदायन रामलीला समिति की ओर से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और लंकापति रावण के बीच युद्ध का मंचन किया। भगवान श्री राम, लक्ष्मण, वानर सेना और राक्षसी सेना के बीच युद्ध देखने को बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। मंचन के दौरान श्रीराम और लक्ष्मण ने कुंभकरण और मेघनाद का वध किया। इसके साथ ही रावण का विशाल पुतला फूंक दिया गया। रावण दहन के साथ ही पूरा मैदान जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया। इस अवसर पर सब इंस्पेक्टर रामवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
इस अवसर पर कमेटी अध्यक्ष पदम गुप्ता, राजू गुप्ता, गुड्डू ठाकुर, विकास शर्मा, अमन गुप्ता, रामवीर सिंह, गोविंद गुप्ता, धीरज गुप्ता, शिवांग गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, अनमोल गुप्ता, आकाश कश्यप, राकेश कश्यप, संगीत कश्यप, रोहित और पप्पू आदि लोग मौजूद रहे। संवाद
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राजतिलक के साथ ही रामलीला का समापन
उघैती। कस्बा में आदर्श रामलीला कमेटी के रंगमंच पर सोमवार की रात रावण वध की लीला का शानदार मंचन किया गया। लीला पूरे पांच घंटे तक चली। रात दो बजे रावण वध के बाद पुतला दहन किया गया। रावण वध देखने के लिए बड़ी तादाद में दर्शक उपस्थित रहे। मेघनाथ एवं अहिरावण के वध के साथ ही रावण वंश के लगभग सभी योद्धा समाप्त हो चुके थे। नारांतक ऐसा राजा था जिसके राज्य में अमीर गरीब ना होकर सभी का एक ही स्तर था जो राज्य की विशेषता थी। रावण द्वारा जब नारांतक को संदेश भिजवाया गया तो नारांतक पूरी सेना लेकर लंका पहुंचा और अपने पिता रावण से कहा कि हे पिताश्री आपने भले ही मूल में पैदा होने से मुझे त्याग दिया था लेकिन वंश की रक्षा के लिए वह राम एवं लक्ष्मण से युद्ध करेगा।श्रीराम की सेना में शामिल दधिबल द्वारा नारांतक का वध किया गया।
सभी कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया l इस मौके पर मनोज पालीवाल, चंद्रपाल गुप्ता, उमेश चित्तौड़िया, रामनिवास चित्तौड़िया, हरपाल झां, प्रेमपाल शर्मा, डॉ. मुनेश पाल सिंह आदि उपस्थित रहे। संवाद
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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ में आहुतियां दीं
बदायूं। बिसौली इलाके के श्रीश्री 1008 विदेहनंदिनी शरण महाराज सोई आश्रम में सात दिवसीय श्री मारुति नंदन महायज्ञ एवं श्रीराम कथा में आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ कुंड में आहुतियां अर्पित कीं। धूप, दीप, नैवेद्य और पुष्पों से यज्ञमंडप सुगंधित हो गया। कथा व्यास पूज्य पं. राधेश्याम महाराज ने श्रीराम कथा के तृतीय दिवस में मां भगवती सती और भगवान भोलेनाथ के वियोग, माता पार्वती के रूप में पुनर्जन्म तथा शिव-पार्वती के पुनर्मिलन की दिव्य कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा का आयोजन महंत फूलबाबा शरण महाराज के निर्देशन में आयोजन मंडल द्वारा अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ कराया जा रहा है। कथा स्थल पर प्रतिदिन सायंकालीन मंगल आरती के पश्चात श्रीराम कथा होती है। जिसमें न केवल सोई आश्रम बल्कि आस-पास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं। मंगलमय संध्या में कथा का समापन जय श्रीराम और हनुमानजी महाराज की गूंजती जयघोषों के साथ हुआ। जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्ति और आनंद से आलोकित हो गया। इस पावन अवसर पर यजमानों के साथ पप्पू शरण, धर्मदास शरण, देवानंद शरण, करुणा शरण महाराज,रिजर्वदास शरण महाराज,राजपाल शरण, वीरपाल शरण, विनोद पचौरी, सुभाष चंद्र गुप्ता, लटूरी सिंह, सत्यपाल यादव, महावीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में महंत फूलबाबा शरण ने सभी भक्तों से निवेदन किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा का आनंद प्राप्त करें।
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दिसौली गंज में राज्याभिषेक का भव्य मंचन
बदायूं। आदर्श रामलीला कमेटी, दिसौली गंज के रंगमंच पर राम-रावण युद्ध के उपरांत रावण वध एवं प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की भव्य लीला का मंचन किया गया। मंच पर कलाकारों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण के पात्रों ने जीवंत अभिनय प्रस्तुत किया। दर्शक भक्ति भाव में डूब गए। लीला के दौरान जब प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया तो जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोषों से पूरा परिसर गूंज उठा। तत्पश्चात श्रीराम के अयोध्या आगमन और राज्याभिषेक की दिव्य झांकी ने भक्तों के हृदय को आनंद और आस्था से भर दिया। मंचन के इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शक उपस्थित रहे। संवाद
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सुग्रीव और राम की हुई मित्रता
बदायूं। बिसौली नगर की प्राचीन रामलीला हत्सा के रंगमंच पर सोमवार की रात सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का भव्य मंचन किया गया। बाली वध प्रसंग सुंदर चौपाइयों के माध्यम से अभिनय को सभी ने सराहा। दर्शक भक्तिभाव में सराबोर हो उठे।
मंच पर राम की भूमिका जीतेश मिश्रा, लक्ष्मण की विनायक मिश्रा, बाली की हरिओम मिश्रा, सुग्रीव की सुमित मिश्रा, हनुमान की रामसुमिरन लाल मिश्रा तथा अंगद की भूमिका नीरज पाराशरी ने निभाई। लीला के दौरान जय श्रीराम और हर हर महादेव के गगनभेदी जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिरस से भर गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम की पावन लीला का दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव किया। संवाद
राम के अग्निबाण से जल उठा रावण का पुतला
जगत,अलापुर। उनौला गांव में चल रहे रामलीला महोत्सव में श्रीराम और रावण के युद्ध हुआ। इस युद्ध में रावण की हार हुई। जिसके बाद श्रीराम के धनुष से निकले अग्निबाण से रावण का पुतला धू-धूकर कर जल उठा। इस दौरान जय श्रीराम के जयकारों से मैदान गूंज उठा। संवाद
बेहटा गुंसाई में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
बेहटा गुंसाई में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
बेहटा गुंसाई में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
बेहटा गुंसाई में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
बेहटा गुंसाई में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद