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बीएड : पहली में 299 तो दूसरी पाली में 295 ने छोड़ी प्रवेश परीक्षा

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बीएड की प्रवेश परीक्षा देने के बाद में एसके इंटर कॉलेज से बाहर निकलतीं छात्राएं। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। बीएड प्रवेश परीक्षा शहर के 11 कॉलेजों में दो पालियों में हुई। कुल पंजीकृत 4708 परीक्षार्थियों में से पहली पाली में 299 तथा दूसरी पाली में 295 परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए नहीं पहुंचे। कड़ी मेहनत कर परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों ने अपेक्षाकृत आसान प्रश्नपत्र आने पर राहत की सांस ली।
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महात्मा ज्योतिबाफुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन बुधवार को किया गया। प्रवेश परीक्षा देने के लिए जिले के 4708 परीक्षार्थियों ने फॉर्म भरे थे। विश्वविद्यालय की ओर 11 सेंटर बनाए गए थे। कुल 4708 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से पहली पाली में 4409 परीक्षार्थी पेपर देने के लिए पहुंचे, जबकि 299 गैरहाजिर रहे, वहीं दूसरी पाली में 4413 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी और 295 अनुपस्थित रहे। सभी परीक्षार्थियों की मुख्य गेट पर चेकिंग की गई। उसके बाद में उनको कक्षा में प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में भी उनकी जांच की गई। सभी जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगातार चलते रहे। परीक्षा छूटने के समय भीड़ के कारण कुछ सेंटरों के बाहर जाम की स्थिति भी पैदा हुई।
नोडल अधिकारी डॉ. स्मिता जैन ने बताया कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
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पहली बार बायोमीट्रिक मशीन से लगी उपस्थिति
पहली बार बीएड प्रवेश परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों की बायोमीट्रिक मशीन से उपस्थिति लगाई गई, ताकि अगर कोई मुन्ना भाई पेपर देने की कोशिश कर रहा हो तो वह आसानी से पकड़ा जाए।
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डीएम, एसएसपी ने किया केंद्रों का निरीक्षण
डीएम दीपा रंजन ने एसएसपी डॉ. ओम प्रकाश सिंह के साथ राजकीय महाविद्यालय, सिंग्लर मिशन गर्ल्स इंटर कॉलेज और राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। साथ ही कॉलेजों में तैनात सुरक्षा व्यवस्था देखी। कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरे पर कक्षा में हो रही गतिविधियों पर भी अधिकारी नजर रखे रहे।
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मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक घड़ी भी साथ लाए कई परीक्षार्थी
जिला प्रशासन ने निर्देश दिए थे कि कोई भी परीक्षार्थी अपने साथ में मोबाइल फोन या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं लाए। इसके बावजूद काफी संख्या में परीक्षार्थी अपने साथ मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक घड़ी लाए। ऐसे में इन परीक्षार्थियों को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षार्थियों को अपने परिचितों के पास इन चीजों को छोड़ना पड़ा। एसके इंटर कॉलेज में गेट के पास में तो जीआईसी में एक कक्षा में मोबाइल फोन, बैग, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी आदि को जमा कराया गया।
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पेपर देख खिले परीक्षार्थियों के चेहरे
प्रवेश परीक्षा का पेपर देखकर बाहर आए परीक्षार्थियों के चेहरों पर रौनक दिखाई दी। ककराला के मोहम्मद शोएब ने बताया कि परीक्षा को लेकर काफी समय से तैयारी चल रही थी। इसके लिए कोचिंग भी लगाई थी, हालांकि पेपर काफी आसान आया। ऐसे में पेपर हल करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। दातागंज की सीमा गुप्ता के अनुसार उन्होंने पहली बार बीएड की प्रवेश परीक्षा दी। ऐसे में उन्होंने काफी तैयारी की थी। उनके मन में परीक्षा को लेकर तमाम सवाल चल रहे थे और वह काफी नर्वस थी, लेकिन जैसे ही पेपर सामने आया, उनकी चेहरे पर खुशी आ गई। उन्होंने जो याद किया था, उसमें से 80 प्रतिशत प्रश्न आए थे। बिल्सी के राहुल सिंह ने बताया कि पेपर काफी सरल था। हालांकि जितना कन्फर्म था, उतने ही प्रश्नों के उत्तर दिए हैं, क्योंकि इसमें माइनस मार्किंग भी थी। जरीफनगर के श्याम मोहन ने बताया कि उन्होंने पहली बार बीएड की प्रवेश परीक्षा दी है। मन में तमाम सवाल पेपर आने से पहले चल रहे थे, क्योंकि उन्होंने घर पर ही बीएड प्रवेश परीक्षा की तैयारी की थी। हालांकि उनका पेपर अच्छा हुआ।
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