बदायूं। स्कूलों में यूनिफॉर्म, किताबों आदि के लिए अभिभावकों का किस प्रकार शोषण होता है, यह जगजाहिर है। ऐसा ही मामला एक और सामने आया है। बच्ची के यूनिफॉर्म में न पहुंचने पर प्रधानाचार्य द्वारा धूप में खड़ा करने का आरोप एक अभिभावक ने लगाया है।
अभिभावक का यह भी कहना है कि स्कूल ने इसी साल यूनिफॉर्म बदल दी है और उसका ठेका एक दुकानदार पर है। वह जब यूूनिफॉर्म लेने गए तो दुकानदार ने उन पर जूते आदि लेने का भी दबाव बनाया। जब उन्होंने ये सामान लेने से मना किया तो उसने यूनिफॉर्म देने से साफ मना कर दिया।
टिकटगंज के पास रहने वाले एक अभिभावक के अनुसार, उनकी बच्ची दातागंज तिराहे के पास स्थित एक स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ती है और पांच साल से वहीं पढ़ रही है। स्कूल ने साल 2018-19 में यूनिफॉर्म में बदलाव किया था। अब तीन साल बाद स्कूल ने फिर यूनिफॉर्म बदल दी, जिसका ठेका पनबड़िया स्थित एक दुकानदार को दिया गया है। जब वह यूनिफॉर्म लेने वहां पहुंचे तो दुकानदार ने उन पर जूते आदि लेने का भी दबाव बनाया। जब उन्होंने कहा कि उनके पास जूते हैं तो दुकानदार ने कहा कि जूतों के बिना यूनिफॉर्म नहीं मिलेगी। विरोध करने पर दुकानदार ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और साफ कह दिया कि जूतों के बगैर यूनिफॉर्म नहीं देगा।
अभिभावक का कहना है कि इसके बाद विगत दो जुलाई को जब उनकी बच्ची जब स्कूल गई तो यूनिफॉर्म में न होने के कारण प्रधानाचार्य ने उसे धूप में खड़ा करके सबके सामने अपमानित किया। इसके बाद से बच्ची प्रधानाचार्य का नाम सुनकर ही रोने लगती है। उन्होंने इस संबंध में डीएम से शिकायत की है साथ ही मुख्यमंत्री को भी लिखने को कहा है।
फिलहाल यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस