बदायूं। कलक्ट्रेट में मंगलवार को केंद्रीय राज्यमंत्री सहकारिता, सदर विधायक ने डीएम के साथ ग्राम पंचायतों में ग्रामीण पुस्तकालय की स्थापना के लिए पुस्तक दान कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके तहत विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, दानदाताओं ने लगभग 8000 पुस्तकें दान कीं। ये पुस्तकें ग्रामीण पुस्तकालयों में दी जाएंगी। इन पुस्तकों से ग्रामीण युवाओं तो पढ़ाई में आसानी होगी।
केंद्रीय राज्यमंत्री सहकारिता बीएल वर्मा ने कहा कि आठ हजार पुस्तकें प्राप्त हुई हैं, आने वाले समय में इनकी तादाद बढ़ती चली जाएगी। पंचायत भवन में पुस्तकालय होंगे तो गांव के बच्चे वहां अच्छे से पढ़ सकेंगे, अपनी नौकरी के लिए अच्छी तैयारी कर सकेंगे।
सदर विधायक महेश चंद गुप्ता ने कहा कि ये पुस्तकालय बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव बढ़ाने और बेरोजगारी को दूर करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। क्योंकि इन पुस्तकों का लाभ वे सभी विद्यार्थी उठा पाएंगे, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं और इस कारण बाजार से पुस्तक नहीं खरीद सकते हैं। डीएम दीपा रंजन ने कहा कि पुस्तकदान कर आप राष्ट्र को विकसित होने में मदद कर सकते हैं। भारत एक समृद्ध युवा देश है, जहां अधिकतर नौजवान छात्र है, इनमें से बहुत से छात्र अर्थिक तंगी के कारण पुस्तकों को खरीद नहीं पाते, यह समय ऐसे छात्रों की मदद करने का है। इससे उन्हें किताबें उपलब्ध हो सकेंगी।
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अभी 350 पुस्तकालयों की हो सकी है स्थापना
जिले में कुल 1037 ग्राम पंचायतें है। इनमें से 510 ग्रामों में पंचायत भवन तैयार हो चुके हैं पर अभी तक लगभग 350 पुस्तकालयों की स्थापना ही हुई है।