बदायूं। बिसौली के परवेज नगर में बने यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्र पर सोमवार को दो मुन्ना भाई असली परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा देते धरे गए थे। जांच में यह भी बात सामने आई थी कि इससे पहले भी यह दोनों परीक्षा दे चुके थे। ऐसे में केंद्र व्यवस्थापक को हटाने के साथ-साथ अब कॉलेज को डिबार करने की संस्तुति भी डीआईओएस ने की है। इसे लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। कॉलेज डिबार हुआ तो तीन साल तक परीक्षा केंद्र नहीं बन पाएगा।
शिक्षा विभाग में हमेशा से माफिया का राज चला है। योगी सरकार ने इसमें काफी सुधार की कोशिश की है लेकिन इसकी अब भी जड़ें बाकी हैं। यही वजह है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में सोमवार को बिसौली के परवेज नगर स्थित राममूर्ति देवी मेमोरियल रामरक्षपाल इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर दो मुन्ना भाई परीक्षा देते पकड़े गए। जांच में पता चला कि 24 मार्च को भी इन लोगों ने परीक्षा दी थी। ऐसे में केंद्र व्यस्थापक वीरेंद्र कुमार की कमी मानते हुए उनको हटा दिया गया। उनके स्थान पर मदन लाल इंटर कॉलेज के प्रवक्ता रतेंद्र कुमार को केंद्र व्यवस्थापक बनाकर भेजा गया है।
इसके अलावा डीआईओएस ने इस परीक्षा केंद्र को डिबार करने की संस्तुति करते हुए उच्चधिकारियों को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि यूपी बोर्ड की अगले साल से यहां पर परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी।
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शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए लिखा बीएसए को पत्र
परवेज नगर के राममूर्ति देवी मेमोरियल रामरक्षपाल इंटर कॉलेज के जिस कक्ष में दोनों मुन्ना भाई पकड़े गए हैं। उस दौरान कक्षों में ड्यूटी करने वाले शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के थे। ऐसे में डीआईओएस ने बीएसए को पत्र भेजकर इन शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए कहा है।
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राममूर्ति देवी मेमोरियल रामरक्षपाल इंटर कॉलेज को डिबार करने की संस्तुति की है। साथ ही केंद्र व्यवस्थापक को हटा दिया है और वहां पर तैनात शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र लिखा है।
-डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस