बदायूं। अनामिका शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद में बेसिक शिक्षा विभाग के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल में तैनात शिक्षिकाओं के अभिलेखों की जांच के निर्देश शासन की तरफ से विभागीय अधिकारी को दिए गए थे। जिसके बाद में जनपद में तैनात 137 शिक्षिकाओं के आधार कार्ड समेत अन्य अभिलेखों की जांच की गई। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। वहीं एक शिक्षिका का अंकपत्र संदिग्ध प्रतीत होने पर विभागीय अधिकारी ने नोटिस जारी किया है, साथ ही कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
पिछले दिनों अनमिका प्रकरण सामने आने के बाद में शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इसको लेकर शासन ने सभी जनपदों के बीएसए को कस्तूरबा स्कूलों में तैनात शिक्षिकाओं समेत संपूर्ण स्टाफ के शैक्षिक प्रमाण पत्र जांचने के निर्देश दिए थे, ताकि अगर कहीं पर कोई गड़बड़ी हो उसे पकड़ा जा सके। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में तैनात 137 शिक्षिकाओं के आधार कार्ड समेत अन्य अभिलेखों की भी जांच कराई गई। काफी दिनों तक चली इस जांच के दौरान बदायूं जनपद के एक विद्यालय में तैनात शिक्षिका का अंकपत्र विभाग को संदिग्ध मिले हैं। इसको लेकर बीएसए की ओर से शिक्षिका को नोटिस भेजा गया है। इसमें पूछा गया है कि उनके द्वारा आवेदन के समय जो अभिलेख जमा किए थे और नौकरी पाने के समय विभाग में जो अभिलेख जमा किए उन दोनों के अंकपत्र में अंतर क्यों है। इसका जवाब विभागीय अधिकारियों ने मांगा है। विभाग की ओर से शिक्षिका को तीन अक्तूबर तक का समय दिया गया था, लेकिन शिक्षिका ने शनिवार को विभाग को पत्र भेजकर खुद को कोरोना पॉजिटिव होने के कारण आने में असमर्थता जाहिर की है।
एक शिक्षिका का अंकपत्र संदिग्ध मिला है। इसको लेकर नोटिस जारी किया गया है। उससे जवाब मांगा था। अभी उनका जवाब आया है कि वह कोरोना पॉजिटिव है। जिस वजह से वह अभी कार्यालय नहीं आ सकी है।
-जितेंद्र कुमार, डीसी बालिका शिक्षा