बदायूं। यात्रियों की सुविधा के लिए बदायूं डिपो ने सरेंडर की गईं 45 में से 20 बसों को वापस ले लिया है, जबकि 25 बसें अभी सरेंडर रहेंगी। इनके सरेंडर की मियाद बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। डिपो के बेड़े में 20 बसों की वापसी से विभिन्न रूटों पर यात्रियों के लिए अब ज्यादा सुविधा होगी। इसके साथ ही बदायूं डिपो की आमदनी भी बढ़ेगी।
एक जून को अनलॉक-एक के साथ निगम ने बसों का संचालन शुरू किया था। कोरोना काल में सवारियां कम होने से डिपो घाटे में जा रहा था। डिपो के बेड़े में शामिल 131 में से बमुश्किल 70-75 बसों का ही संचालन हो पा रहा था। इससे डिपो को काफी नुकसान हो रहा था। दरअसल, प्रति बस पर हर माह डिपो का परमिट, इंश्योरेंस, रोड टैक्स आदि समेत करीब 25 हजार रुपये का खर्च जाता है। सवारियां न मिलने से सभी बसों का पहिया नहीं घूम रहा था और टैक्स लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में घाटे में जा रहे डिपो ने 45 बसों से बढ़ रहे टैक्स के भार को कम करने के लिए बसों के परमिट जुलाई से सितंबर तीन माह के लिए सरेंडर कर दिए थे। तीन माह पूरे होने के बाद अब डिपो ने 20 बसों को वापस ले लिया है वहीं 25 बसों के सरेंडर अवधि बढ़ाने के लिए लिखा-पढ़ी की है। 20 बसों के बेड़े में वापस आने के बाद विभिन्न रूटों पर बसों की संख्या और फेरे बढ़ने से अब यात्रियों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
टनकपुर, हरिद्वार, देहरादून को बसें शुरू कराने की अनुमति मांगी
लॉकडाउन के बाद से उत्तराखंड के लिए बंद बदायूं डिपो की बस सेवा अब तक चालू नहीं हो सकी है। उत्तराखंड परिवहन निगम ने इसके लिए अब तक अनुमति नहीं दी है। ऐसे में बदायूं से हरिद्वार, देहरादून, टनकपुर और रुद्रपुर जानेे वाले यात्रियों को दिक्कत हो रही है। एआरएम राजेश कुमार ने आरएम को पत्र लिखकर उत्तराखंड के इन रूटों पर बदायूं डिपो की चार बसों की सेवाएं शुरू कराने की अनुमति मांगी है। एआरएम ने इन रूट पर अच्छे लोड फैक्टर का हवाला भी आरएम को दिया है।
सरेंडर की गईं 45 में से 20 बसों को वापस ले लिया गया है। इनका संचालन शुरू हो गया है। शेष 25 बसों के सरेंडर की मियाद बढ़ाने की कार्रवाई की गई है। उत्तराखंड के लिए अभी बदायूं डिपो की बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है। इसके लिए आरएम को पत्र लिखकर बस सेवा शुरू कराने की अनुमति दिलाए जाने का अनुरोध किया गया है।
- राजेश कुमार, एआरएम बदायूं डिपो