बदायूं। बेसिक विभाग की ओर से आधार कार्ड बनाने की योजना आज तक परवान नहीं चढ़ सकी है। वजह है कि बेसिक शिक्षा विभाग में योग्य शिक्षक तलाशने पर भी नहीं मिल रहे हैं। पिछले दिनों बरेली मेें हुई परीक्षा में 39 मेें से केवल नौ शिक्षक ही पास हो सके। ऐसे में शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई गईं किट बीआरसी में धूल खा रही हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं को आधार कार्ड के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिले में 2458 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें तीन लाख 22 हजार 298 छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें करीब 80 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के पास आधारकार्ड नहीं है। बिना आधार कार्ड के इन छात्र-छात्राओं को स्कूल में सरकार से मिलने वाली सुविधाएं यूनिफार्म, जूता, मोजा इत्यादि नहीं मिल पा रहा है। आधार कार्ड बनाने के लिए अधिकृत गिनेचुने बैंक या केंद्रों में भारी भीड़ के मद्देनजर शासन ने हरेक बीआरसी में आधारकार्ड जारी करने के आदेश जुलाई माह में जारी किए थे। इसके लिए बीआरसी पर 36 किट मुहैया कराई गईं थी। योजना लागू हुए चार माह बीत गए। बीआरसी में आधार कार्ड बनना शुरू नहीं हुए। नतीजतन लगभग हजारों छात्र-छात्राएं आधार कार्ड से वंचित हैं। दरअसल, बीआरसी में आधार कार्ड का काम शुरू न हो पाने का मुख्य कारण आधार कार्ड के लिए जारी किट का संचालन करने को योग्य शिक्षक / कर्मचारियों का टोटा है। इसके लिए अंग्रेजी का ज्ञान रखने वाले 36 शिक्षक / कर्मियों की जरूरत है। बेसिक शिक्षा विभाग को ये नहीं मिल पा रहे। पिछले दिनों इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया गया था, साथ ही पांच अक्तूबर को बरेली में ऑनलाइन परीक्षा हुई। इसमें सिर्फ नौ ही कर्मचारी ही सफल हो पाए।
फैक्ट फाइल
-प्राथमिक विद्यालय- 1802
-उच्च प्राथमिक विद्यालय-656
-प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्राएं-248369
-उच्च प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्राएं-73929
-करीब 80 हजार के नहीं बने आधार कार्ड
बरेली मेें पिछले दिनों हुई परीक्षा में जिले से 39 लोगों ने हिस्सा लिया था। इसमें से नौ लोग पास हो सके। जल्द ही इन पास हुए लोगों को आधार कार्ड मशीन की किट मुहैया करा दी जाएगी। जिसके बाद में आधार कार्ड बनना शुरू हो जाएगा।
-प्रवीन शुक्ला, नोडल अधिकारी/ बीईओ