बदायूं। परिषदीय विद्यालयों में फल व दूध का वितरण महज कागजों में ही किया जा रहा है। विद्यार्थियों को फल व दूध नसीब तक नहीं हो रहे। लगातार शिकायतें पहुंचने के चलते शुक्रवार को बीएसए ने विद्यालयों में जाकर खुद बच्चों से ही सच्चाई जानी तो प्रबंधन की पोल खुल गई। निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षक भी नदारद मिले जिनका वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं। बीएसए ने नोटिस जारी कर सख्ती से दूध और फलों का वितरण कराने के निर्देश दिए। यहां बता दें कि इस संबंध में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया था।
शुक्रवार को बीएसए रामपाल सिंह राजपूत उझानी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हरहरपुर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। बीएसए तक यहां से बच्चों को दूध और फल न दिए जाने की शिकायतें पिछले कुछ समय से मिल रही थीं। यहां पहुंचकर बीएसए ने पहले रिकार्ड चेक किया फिर खुद बच्चों से वितरण की जानकारी ली। सामने आया कि पिछले काफी समय से स्कूल में दूध और फल बांटे ही नहीं गए। उच्च प्राथमिक विद्यालय रियोनइया में भी बच्चों ने बताया कि फल व दूध का वितरण कभी कभार ही किया जाता है। वहीं बीएसए के निरीक्षण की सूचना मिलने पर कुछ अधिकारी भी स्कूलों से गायब हो गए। प्राथमिक विद्यालय रियोनइया में प्रधानाध्यापक मृदुल एस लाल गैरहाजिर मिले। बीएसए प्राथमिक विद्यालय देवरमई पश्चिम पहुंचे तो वहां पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक गरिमा शर्मा, सहायक अध्यापक वैशाली बिना किसी लिखित सूचना के आकस्मिक अवकाश पर मिलीं। इस पर नाराजगी जताते हुए बीएसए ने सभी का वेतन काटने के निर्देश दिए। बच्चों से पूछताछ के दौरान सामने आया कि 25 अक्तूबर से मिड-डे मील का संचालन नहीं किया जा रहा है, साथ ही दूध व फल का वितरण भी नहीं होता है। बीएसए ने एमडीएम जिला समन्वयक हिना खान पर नाराजगी जताते हुए सभी को नोटिस जारी कर जिले के सभी विद्यालयों मेें दूध और फल का वितरण किए जाने के निर्देश दिए।