बदायूं। कानपुर नगर क्षेत्रांतर्गत आने वाले राजकीय इंटर कॉलेज चुन्नीगंज में प्रधानाचार्य के पद पर रहते हुए बदायूं के मौजूदा बीएसए रामपाल सिंह पर कई अनियमितताओं के आरोप लगे। मामला जब आला अफसरों तक पहुंचा तो शिकायतें सहीं पाई गईं। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रयागराज ने आरोप पत्र जारी करते हुए बीएसए से बिंदुवार जवाब मांगा है, वहीं बीएसए का कहना है कि उन्होंने इसका जवाब दे दिया है।
बदायूं में तैनाती से पूर्व रामपाल सिंह राजपूत राजकीय इंटर कॉलेज चुन्नीगंज कानपुर नगर में प्रधानाचार्य रहे थे। वहां पर तैनाती के समय उन पर आरोप थे कि उन्होंने डीआईओएस के निर्देश के बाद भी प्रधान सहायक संतोष कुमार तिवारी के वेतन भुगतान के मामले में अपने दायित्वों की उपेक्षा की, वहीं उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन भी नहीं किया। संयुक्त शिक्षा निदेशक के आरोप पत्र में कहा गया है कि जीआईसी कानपुर नगर में प्रवक्ता अजय कुमार श्रीवास्तव, सहायक अध्यापक संजीव कक्कड़, रमेश कुमार गुप्ता, प्रवीण कुमार दीक्षित को बिना किसी कारण एवं नोटिस के विद्यालय उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने से रोक दिया गया, जबकि वे शिक्षक रोजाना विद्यालय आ रहे थे। रामपाल सिंह पर यह भी आरोप है कि डीआईओएस ने चार मई 18 को राजकीय इंटर कॉलेज का आकस्मिक निरीक्षण किया था, जिसमें वह बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले। जानकारी करने पर पता चला था कि वह विद्यालय में कई दिनों से अनुपस्थित हैं। इस प्रकार उन्हें दायित्वों का निर्वहन न करने, बिना अवकाश और सक्षम अधिकारी को सूचित किए बिना अनुपस्थित रहने का भी दोषी माना गया। जेडी ने बीएसए पर नौ आरोप तय किए गए हैं, जिनका उनसे लिखित जवाब मांगा गया, वहीं बीएसए के मुताबिक उन्होंने इसका जवाब दे दिया है।
यह मामला एक साल पुराना है। कानपुर में तैनाती के दौरान वहां पर कुछ लोगों ने आरोप लगाए थे। इसको लेकर संयुक्त शिक्षा निदेशक की ओर से आरोप पत्र मिला था, उसका बिंदुवार लिखित जवाब दे दिया गया है।
-रामपाल सिंह, बीएसए बदायूं