बिल्सी रोड स्थित एआरटीओ का ट्रेनिंग सेंटर। संवाद
बदायूं। अब बिना वाहन चलाए ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन सकेगा। ट्रैक पर वाहन चलाने वाले को ही एआरटीओ लाइसेंस जारी करेंगे। वाहन चलाने के नियमों का पालन चालक को करना होगा। यह नियम सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से किया है।
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले टेस्टिंग ट्रैक पर दक्षता का परीक्षण किया जाएगा। जिले में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण सप्ताह भर में पूरा होने की उम्मीद है। ट्रैक पर वाहन चालकों का परीक्षण कंप्यूटर से किया जाएगा और वह रिपोर्ट देगा। इससे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की दक्षता का परीक्षण हो सकेगा। इसके बाद ही उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है ट्रैक
ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर चालक की दक्षता जांच के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को ट्रैक पर गाड़ी चलाकर दिखाना पड़ेगा। इसके बाद ही उनका लाइसेंस जारी किया जाएगा। वाहन को दाएं बाएं करने के अलावा स्पीड एवं अन्य उपकरणों को आपरेट करने में अभ्यर्थी कितने दक्ष हैं, इसकी जांच ट्रैक पर हो जाएगी।
कोट,
- ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए वाहन चालकों का ट्रैक पर परीक्षण किया जाएगा। उसके बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत बने लाइसेंस के बाद कुशल चालक निकल सकेंगे। - राम वचन गुप्ता, एआरटीओ