बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज बच्ची की मौत के बाद से विवादों से घिरा चल रहा है। बच्ची की मौत की जांच दोबारा पूरी होने के बाद सीएमएस डॉ. अर्सिया को हटा दिया गया है। उनकी जगह वरिष्ठ डॉ. विपिन को अब मेडिकल कॉलेज का सीएमएस बनाया गया है।
पिछले एक महीने से राजकीय मेडिकल कॉलेज जंग का अखाड़ा बनकर रह गया था। बिना इलाज बच्ची की मौत के मामले में पहली जांच पर सवाल उठे तो दोबारा जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। इसके अलावा पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज के ही चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के बच्चे की मौत का मामला भी काफी गर्मा गया था।
सीएमएस प्राचार्य को बताए बिना ही रिपोर्ट सीधे भेज रहीं थीं। मामला यहां तक पहुंच गया था कि कई डॉक्टरों ने यहां से जाने का मन बना लिया था। ऐसे में मेडिकल कॉलेज का संचालन मुश्किल हो जाता। मामला शासन तक पहुंचा। इसके बाद सीएमएस डाॅ. अर्सिया मसूद सिद्दीकी को बृहस्पतिवार शाम को पद से हटा दिया गया। उनकी जगह पर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ सर्जन डॉ. विपिन को सीएमएस की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं डॉ. अर्सिया मसूद सिद्दीकी का कहना है कि उन पर कोई आरोप नहीं है, केवल पत्र मिला है। इसमें उन्हें सीएमएस पद से मुक्त कर अपने मूल तैनाती पद पर कार्य करने को कहा गया है।
कॉलेज में व्यवस्थाएं बिगड़ रहीं थीं। लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। सीएमएस पद का सही से निर्वहन नहीं किया जा रहा था। यही वजह रही कि मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए उनको पदमुक्त कर डॉ. विपिन को सीएमएस बनाया गया है। -डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज