दहेज हत्या में जान गंवाने वाली विवाहिता के आरोपी पति सास-ससुर को दोषी मानकर कोर्ट ने तीनों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। उघैती थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया में दहेज की मांग पूरी न होने के कारण विवाहिता के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी गई थी।
इस मामले में प्रथम अपर जिला जज प्रमोद कुमार पंचम ने पति, सास-ससुर को दस सास की सजा समेत सात-सात हजार रुपये जुर्माना डाला है। इस मामले की रिपोर्ट मृतका के पिता गांव भगवतीपुर थाना सिविल लाइन निवासी रामदास पुत्र बल्देव ने 31 जनवरी 2013 को लिखाई थी। कहा कि उसकी बेटी राखी की शादी सात महीने पहले आरोपी धीरज निवासी शरह बरौलिया थाना उघैती से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसकी पुत्री को दहेज को लेकर मारपीट करते थे और दहेज में बाइक, रंगीन टीवी, भैंस की मांग करते थे। एक जनवरी 2013 को सभी आरोपियों ने उसकी पुत्री को मारापीटा और मिट्टी का तेल डालकर उसकी जला दिया। खबर मिलने पर पहुंचे तो आरोपी उसकी पुत्री को जली हुई हालत में लेकर फरार हो गए। करीब 12 दिन बाद अस्पताल में भर्ती कराया। अलीगढ़ में वादी की पुत्री की 22 जनवरी 2013 को मौत हो गई।
विद्वान न्यायाधीश ने पत्रावली का अवलोकन किया। सरकारी वकील मिर्जा राशिद बेग और बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद दहेज हत्या में नामजद आरोपी पति धीरज, सास रामबेटी, ससुर रामौतार को दोषी पाकर दस-दस साल की सजा सुनाई है।