बदायूं। जिले में कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। हर महीने चार हजार से अधिक लोगों को कुत्ते जख्मी कर रहे हैं। जनवरी से जुलाई तक 24,143 लोगों ने एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया।
मंगलवार को कादरचौक थानाक्षेत्र के गांव जरासी निवासी अंकित काे कुत्ते ने पैर में काट लिया। वह मां के साथ एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचा था। बताया कि सुबह घर से निकला कि गली में तीन आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला बोल दिया। आस पास के लोगों ने उसको बचाया। इसी तरह शहर के मोहल्ला नेकपुर निवासी विकास यादव ने बताया कि मोहल्ले में कुत्तों का आतंक है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे वह दुकान से कुछ सामान लेकर घर लौट रहा था कि एक कुत्ते ने हमला कर दिया। उसकी गर्दन पकड़ी चाही, लेकिन उसने कुत्ते को झटक दिया तो उसके मुंह में काट लिया। उसने जिला अस्पताल पहुंचकर एंटी रैबीज लगवाया। वहीं, जिला अस्पताल के आंकड़े के अनुसार प्रतिदिन कुत्ते के काटने से शिकार हुए 100 से अधिक लोग पहुंच रहे हैं। इसी साथ ही बिल्ली समेत अन्य जंगली जानवर भी लोगों को काट रहे हैं। जिले की 17 सीएचसी पर एंटी रैबीज के टीके लगाए जाते हैं।
नियमानुसार नहीं लगते इंजेक्शन
कुत्तों के हमले के बाद इंजेक्शन लगने के दिन तय हैं। टिटनेस का इंजेक्शन सबसे पहले जरूरी है। इसके बाद एंटी रैबीज का इंजेक्शन जीरो-डे यानी पहले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन, 14वें दिन और 28वें दिन लगना चाहिए। मगर सीएचसी और पीएचसी पर सप्ताह में मात्र दो दिन इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
पशुओं में भी हो सकता है रेबीज
फिजीशियन डॉ. राजेश वर्मा का कहना है कि चमगादड़, लोमड़ी के अलावा पालतू पशु जैसे कुत्ता, बिल्ली आदि से भी रैबीज फैलता है। इन पशुओं के काटने पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
माहवार काटने से घायल हुए लोग
माह कुत्ता बिल्ली बंदर अन्य
जनवरी 3484 158 862 32
फरवरी 4557 204 1304 34
मार्च 3891 239 1337 43
अप्रैल 3566 246 1552 27
मई 3079 258 1426 23
जून 2940 305 1791 26
जुलाई 2626 405 1846 48
कोट
- एंटी रैबीज इंजेक्शन भरपूर मात्रा में हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी इंजेक्शन हैं। लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुत्तों से बचकर रहना चाहिए - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल