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सलीम को परिवार वालों ने पेड़ से बांधा: कुत्ते के काटने से पागल हुआ, रोडवेज बस में मारी ईट; पलटने से बची

Thu, 30 Oct 2025 09:20 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

पूछताछ में पता चला कि सलीम को चार दिन पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। गांव के लोगों का कहना है कि घटना के बाद सलीम को उसके परिजनों ने पकड़कर एक पेड़ से बांध दिया ताकि वह किसी को नुकसान न पहुंचा सके। 
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पेड़ से बंधा सलीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के बदायूं स्थित थाना क्षेत्र के गांव टिटौली के रहने वाले सलीम को चार दिन पहले कुत्ते ने काटा जिससे वह गुरुवार को पागल हो गया। उसने चलती रोडवेज की बस पर ईंट मार दी। जिससे उसका शीशा भी टूट गया। बस पलटने से बाल-बाल बच गई। यह देख वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। रैवीज के शक में युवक को भीड़ ने पकड़कर पेड़ से बांध दिया और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी।

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थाना क्षेत्र के गांव टिटौली के रहने वाले सलीम गुरुवार को बदायूं बिजनौर हाईवे पर गांव के बाहर आ गया। उसने रोडवेज की बस आती देखी तो हाथ में ईंट उठा ली। जैसे ही बस बराबर से निकली तो ईंट मार दी। जिसके बाद बस चालक ने बमुश्किल संतुलन संभाला। इस दौरान यात्रियों में चीख पुकार मच गई। यात्रियों में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा। बस को चालक ने रोक लिया। इसी दौरान के लोग भी मौके पर पहुंच गए। चालक ने डायल 112 पुलिस को सूचना दे दी। इधर, युवक हंगामा करने लगा।

घटना की सूचना पर डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। पूछताछ में पता चला कि सलीम को चार दिन पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। गांव के लोगों का कहना है कि घटना के बाद सलीम को उसके परिजनों ने पकड़कर एक पेड़ से बांध दिया ताकि वह किसी को नुकसान न पहुंचा सके। सलीम की पत्नी ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद वह उन्हें बिल्सी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई थी, लेकिन वहां टीका उपलब्ध नहीं था। इसके बाद से उनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। परिवार के लोग अब उनकी स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं। इसकी जानकारी परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग को दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसको जिला अस्पताल भेजा है।
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अगर सीएचसी पर रैवीज का टीका नहीं लग सका तो उन्हें जिला अस्पताल आकर लगवाना चाहिए। परिवार के लोगों की लापरवाही है। अगर उसकी हालत बिगड़ गई है तो जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया जाए। स्वास्थ्य टीम को भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ

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