सप्त ऋषि आश्रम और साधु मढ़ी पर माघ माह में 500 से अधिक साधु कल्पवास किए हैं। इस अवसर पर तपोनिष्ठ महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 विष्णु देवानंद महाराज ने सत्यमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कहा कि पतित व्यक्ति कभी भी धनवान, बलवान, ज्ञानवान नहीं बन सकता है। इसलिए हमें हमेशा सही मार्ग पर चलने के साथ साधु-संतों की संगत करनी चाहिए।
सत्संग में प्रवचन देते हुए महामंडलेश्वर ने कहा कि धन से पुस्तक खरीद सकते हैं लेकिन ज्ञान नहीं। आभूषण खरीद सकते हैं लेकिन रूप नहीं। बिस्तर मिल सकता है परन्तु नींद नहीं। बोले, धन की तीन गतियां होती हैं। दान, भोग और नाश। इसलिए मनुष्य को अच्छे मार्ग पर चलने के साथ धन को सही मार्ग में ही खर्च करना चाहिए।
साधु मढ़ी गंगा घाट पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 26वें विशाल भंडारे का आयोजन तीन फरवरी को किया जाना है। इस भंडारे में गंगा स्नान करने आए भक्तजन सहित लाखों की संख्या में साधु-संन्यासी प्रसाद ग्रहण करते हैं, जिसके लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रहीं हैं। जबकि माघ का महीना शुरू होते ही पांच जनवरी से लेकर अब तक 500 साधु संत नगरिया में कल्पवास किए हुए हैं, जिनके लिए दो समय का भोजन आदि की व्यवस्था आश्रम की ओर से चल रही है।
सहसवान विधायक ओमकार सिंह यादव, संभल जिला पंचायत अध्यक्ष के पति अखिलेश यादव, प्रधान राजेंद्र सिंह यादव, प्रधान अशोक यादव, रामनिवास यादव, बबलेश गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।