बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के 11 जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों को छह माह से मानदेय नहीं मिला है। जूनियर रेजीडेंट ने मानदेय दिलाने के लिए कई बार मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से पत्राचार किया, लेकिन उनको मानदेय नहीं मिला। अब डॉक्टरों ने एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के चेयरमैन को पत्र भेजकर मानदेय न मिलने से हो रहीं समस्याओं के बारे में बताया है।
मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर रेजीडेंट को मानदेय न दिए जाने की शिकायत काफी समय से है। इस बार उनको सितंबर से मानदेय नहीं दिया गया है। मानदेय न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। मानदेय दिलाए जाने की मांग करते हुए बीते दिनों उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता समेत सभी संबंधित अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
कार्य बहिष्कार की बात पता चलने पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने उनको दो चार दिन में ही मानदेय दिलाए जाने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद भी मानदेय न मिलने पर डॉक्टरों ने गुरुवार को एनएमसी के चेयरमैन को पत्र भेजकर बताया है कि छह माह से मानदेय न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है और उनका घर का खर्च भी नहीं चल पा रहा है। उन्होंने जल्द मानदेय दिलाए जाने की मांग की है। शिकायत करने वालों में डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. विशाल, डॉ. गुंजन, डॉ. योगेंद्र, डॉ. एमएम रजा, डॉ. दिव्यांशी शर्मा आदि शामिल हैं।