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निजी डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज और तीमारदार हुए परेशान

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बदायूं। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले निजी डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ओपीडी आदि बंद रखीं। डॉक्टरों की एक दिनी हड़ताल के चलते मरीज और उनके तीमारदार परेशान रहे। काफी मरीजों को निराश होकर घर लौटना पड़ा।
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राष्ट्रीय स्तर पर हुई हड़ताल के चलते सुबह से ही निजी डॉक्टरों ने अपने क्लीनिक और अस्पताल बंद रखें। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को सुचारु रखा गया ताकि गंभीर मरीजों को दिक्कतें न हो। हड़ताल के बीच आईएमए के सचिव डॉ. शरद कुमार गुप्ता के कार्यालय पर हुई मीटिंग में वक्ताओं ने कहा कि सरकार की ओर से लाए जा रहे नेशनल मेडिकल कमीशन बिल में अनेक खामियां हैं जिसके चलते निजी डॉक्टरों को हड़ताल को मजबूर होना पड़ा है। सचिव ने कहा कि इस बिल के जरिए सरकार की योजना है कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक और यूनानी डॉक्टरों को छह माह की ट्रेनिंग देकर उनके बराबर किया जा रहा है। इसे बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। बोले-इसके अलावा निजी मेडिकल कालेजों में डॉक्टरों की सीट के लिए उनके संचालकों को प्रवेश के लिए छूट भी प्रदान की जा रही। ऐसे में इस पेशे में योग्य अभ्यर्थी नहीं आएंगे। धन के बल पर ऐसे डॉक्टर बन जाएंगे जिन्हें किसी तरह का अनुभव या ज्ञान नहीं होगा। यह जनता के लिए बड़ा ही घातक होगा। उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थी चाहते हुए भी मेडिकल लाइन में नहीं आ सकेंगे। इसलिए इस बिल में जो भी खामियां हैं उन्हें दूर किया जाना चाहिए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार के नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का हर स्तर पर विरोध जारी रहेगा। समय रहते उनकी मांग को पूूरा नहीं किया गया तो डॉक्टर आगे आंदोलन को मजबूर होंगे।
मीटिंग में आईएमए अध्यक्ष डॉ.बीआर गुप्ता, सुरेश चंद्र नौगरया, डॉ.नीलकमल, पूर्व सचिव बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.शरद गुप्ता, डॉ.चक्रेश जैन, डॉ.आरसी गुप्ता आदि मौजूद थे। इधर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते ओपीडी बंद रहने के कारण मरीज और उनके तीमारदार परेशान रहे। इसके बाद ज्यादातर मरीज जिला अस्पताल में भागते देखे गए।
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शहर विधायक से मिले हड़ताली डॉक्टर-
- हड़ताली आईएमए के डॉक्टरों ने शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता से भी मुलाकात की। अपनी मांगों से संबंधित पत्र भी दिया और कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन बिल में जो भी कमियां हैं शासन उन्हें दूर करें। इस दौरान चेयरमैन दीपमाला गोयल भी मौजूद थीं।
हड़ताल के सफल होने का किया दावा-
आईएमए सचिव डॉ.शरद कुमार गुप्ता ने दावा किया है कि उनकी हड़ताल पूरी तरह से सफल रही है। जिले भर में डॉक्टरों ने अपनी क्लीनिक बंद रखीं। मरीजों की सुविधा को सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जरूर चालू रखीं।
चल रहा है बुखार और डायरिया का प्रकोप-
- बरसात के मौसम के चलते जिले के गांवों में बुखार और डायरिया का प्रकोप काफी चल रहा है। रोजाना ही निजी डॉक्टरों के यहां पर सुबह से ही मरीजों की संख्या काफी रहती है। सो बुधवार की हड़ताल से ऐसे मरीजों को ज्यादा दिक्कतें हुईं। डॉक्टरों की हड़ताल के चलते ज्यादातर मरीजों ने जिला अस्पताल की तरफ रुख कर लिया। जो ज्यादा गंभीर नहीं थे, वे ऐसे ही या पर्चे पर लिखी वही दवा लेकर अपने घरों को लौट गए।
बोले मरीज-
- पता नहीं था कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कई दिन से बुखार आ रहा था। आकर देखा तो डॉक्टर का क्लीनिक बंद है। सो पुराने पर्चें के हिसाब से ही मेडिकल से दवा ले जा रहे हैं।
- महीपाल सिंह
रात में तेज बुखार आ रहा था। गांव में कोई डॉक्टर नहीं था। सो सुबह को ही यहां आ गए। सुबह करीब नौ बजे पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। वह किसी को नहीं देखेंगे। तब मेडिकल स्टोर से बुखार की दवा ली।
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अमरपाल सिंह
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