बदायूं/सहसवान। भाजयुमो जिलाध्यक्ष अनुज माहेश्वरी और सीएचसी सहसवान के एमओआईसी डॉ. इमरान हसन सिद्दीकी के बीच हुई तकरार के मामले में एसडीएम सहसवान लाल बहादुर जहां एक ओर समझौते की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दोनों पक्षों के बीच बुधवार को रार और बढ़ गई है। एक दूसरे के खिलाफ दोनों पक्ष खुलकर सामने आ गए हैं। जहां भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है, वहीं दूसरी ओर डॉक्टर ने प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों से लिखित शिकायत की है।
मामला पांच जनवरी का है। अनुज माहेश्वरी के किसी परिचित के परिवार की महिला प्रसव के लिए सहसवान सीएचसी में भर्ती थी। अनुज के अनुसार, रात में हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिचित के कहने पर वह सीएचसी पहुंचे थे। यहां कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं था। उन्होंने मोबाइल कॉल पर एमओआईसी डॉ. इमरान हसन सिद्दीकी से बात करके उनको बुलाया, लेकिन डॉ. सिद्दीकी ने आने से इंकार कर दिया। इसके बाद कुछ समर्थकों के साथ वह एमओआईसी के आवास पर पहुंच गए थे। इधर, एमओआईसी ने अनुज माहेश्वरी पर अभद्रता करने के साथ दरवाजे में लातें मारने का आरोप लगाया था। उनके शराब के नशे में होने की शिकायत भी की थी। मामला स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह तक पहुंच गया। स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ से बात कर कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम कुमार प्रशांत ने मामले में जांच एसडीएम सहसवान लाल बहादुर को सौंप दी। एसडीएम ने मंगलवार को दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में बुलाया था, जहां एसडीएम के सामने दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। एसडीएम लाल बहादुर ने इसकी पुष्टि की थी, लेकिन समझौता होने के बाद दूसरे दिन बुधवार को बात फिर बिगड़ गई। दोनों पक्ष खुलकर एक दूसरे के खिलाफ आ गए हैं।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष अनुज माहेश्वरी ने भी एमओआईसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉ. इमरान हसन सिद्दीकी शासन की मंशा के अनुरूप काम नहीं कर रहे। सहसवान में स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आवासों में उनके संरक्षण में बाहर के लोग रह रहे हैं। डॉक्टर से इस बारे में शिकायत की तो उन्होंने कहा कि नेतागिरी बाहर दिखाओ।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष का आरोप है कि डॉ. इमरान हसन सिद्दीकी सहसवान में अपने रिश्तेदारों के नाम पर नर्सिंगहोम और लैब चला रहे हैं। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को अपनी लैब और नर्सिंगहोम पर जाने के लिए मजबूर करते हैं। उनके निजी नर्सिंगहोम और पैथोलॉजी लैब में काम करने वाले कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आवासों में रहते हैं। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को डराया और धमकाया जाता है। उनके नर्सिंगहोम और लैब में मरीजों से मोटी रकम वसूली जाती है। अगर इसकी जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
बदायूं। सहसवान सीएचसी के एमओआईसी डॉ. इमरान हसन सिद्दीकी बुधवार को भाजयुमो जिलाध्यक्ष अनुज माहेश्वरी के खिलाफ लिखित शिकायत लेकर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) पदाधिकारियों के पास पहुंचे। उन्होंने जिलाध्यक्ष डॉ. फिरासत हुसैन, सचिव डॉ. राजेश वर्मा को शिकायत सौंपी। भाजयुमो जिलाध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए।
डॉ. इमरान हसन सिद्दीकी की शिकायत को लेकर पीएमएस पदाधिकारियां की बैठक में लंबी मंत्रणा हुई। इसमें पूरे प्रकरण को लेकर प्रशासन के रुख पर भी चर्चा की गई। मंगलवार को डॉ. सिद्दीकी की एसडीएम सहसवान लालबहादुर, सीओ सहसवान रामकरन और अनुज माहेश्वरी के बीच एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक के बारे में भी पदाधिकारियों ने जानकारी ली। सचिव डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि डीएम ने मामले में जांच एसडीएम को दी है। फिलहाल प्रशासन अपना काम कर रहा है। पीएमएस को प्रशासन पर पूरा भरोसा है। अगर कोई पक्षपात होता है तो प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ अपना रुख साफ करेगा।