बदायूं। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों उनसे संबद्व कर्मचारी यूनियनों के भारत बंद का जिले में ककराला और सहसवान को छोड़ कहीं पर कोई असर नहीं दिखा। धारा 144 को लेकर पुलिस-प्रशासन की सख्ती के चलते ट्रेड यूनियनें, कर्मचारी संगठन जुलूस नहीं निकाल सके। श्रमिक संगठनों ने जुड़े कुछ लोग अंबेडकर पार्क में जमा हुए, लेकिन पुलिस ने इनको यहां से हटा दिया। संवेदनशील माहौल के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने बेहद सतर्कता से काम लिया। जिले में ककराला को छोड़ दें तो सहसवान में बंद का आंशिक असर रहा। बाकी स्थानों पर बंद पूरी तरह से फेल हो गया।
जिले के संवेदनशील माहौल को देखते हुए बुधवार को बंद के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। कहीं पर दुकानों को जबरन बंद न कराया जाए इसके लिए भी मोबाइल टीमों को लगाया गया था। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई। बंद को संविधान रक्षक सभा जैसे संगठनों ने समर्थन का ऐलान किया था। कोशिश बंद को सीएए और एनआरसी के विरोध की ओर मोड़ने की थी, लेकिन इसमें ऐसे संगठनों को कामयाबी नहीं मिली। पुलिस-प्रशासन की सतर्कता और सख्ती के चलते कोई संगठन धरना-प्रदर्शन और जुलूस में कामयाब नहीं हो सका। जिले में बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा।
सहसवान। बंद भले ट्रेन यूनियनों और कर्मचारी संगठनों का था। इसके बावजूद कुछ लोगों ने जिले में इसका रुख एनआरसी, सीएए की ओर मोड़ने की कोशिश की। सहसवान में भी ऐसे लोगों को कुछ कामयाबी मिली। यहां भी बंद का आंशिक असर देखने को मिला। मुयिकल बाहुल्य इलाकों में बाजार बंद रहे। दोपहर बाद कुछ व्यापारियों ने बैठक भी की। यहां भी पुलिस-प्रशासन ने सख्ती से काम लिया। कहीं पर किसी धरना-प्रदर्शन की सूचना नहीं है।
ककराला। श्रमिक संगठनों के बंद के दौरान ककराला में कुछ खुराफातियों ने नागरिकता संशोधन कानून, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के मुद्दे को गरमाने की कोशिश की। दोपहर 12 बजे के बाद 20-25 युवक सीएए और एनआरसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर निकल आए। पुलिस ने इनको दौड़ा दिया। पीछा करके छह लोगों को पकड़ लिया। इनके खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन की कार्रवाई की गई है।
हालांकि, ककराला में ट्रेड यूनियन, श्रमिक और किसान संगठनों का ज्यादा वर्चस्व नहीं है। इसके बावजूद बुधवार को भारत बंद के दौरान ककराला में बंद का व्यापक असर दिखा। सभी बाजार पूरी तरह से बंद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स तैनात रहा। बंद के दौरान दोपहर 12 बजे के बाद मेन रोड पर ईओ राम सिंह और एसओ केजी शर्मा सुरक्षा बंदोबस्त के मद्देनजर तैनात थे। इसी दौरान 20-25 लोग हाथ में तिरंगा लेकर एनआरसी और सीएए के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोड पर आ गए। पुलिस फोर्स ने इनको दौड़ा दिया। पीछा करके फैजान पुत्र नुसरत अली, मसनून अहमद पुत्र जमील अहमद निवासी वार्ड नंबर 15, उमर पुत्र मोहम्मद उमर, शेर अफगान पुऋ इब्ने अली निवासी वार्ड नंबर 16, मोहम्मद शोभन पुत्र कदीर अहमद निवासी वार्ड 21 और शुफ्यान पुत्र सिराजुल हसन को दबोच लिया। इन सभी के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन की कार्रवाई की गई है।
मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग
बदायूं। बहुजन क्रांति मोर्चा ने आंबेडकर पार्क में धरना प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को रद किया जाना चाहिए तथा इसके विरोध मेें आंदोलन करने वालों पर जो केस लगाए गए हैं उनको वापस लिया जाए। इस मौके पर ओमपाल सिंह, अरुण पटेल, रामच्रदं लोदी, सुभाष वाल्मीकि आदि मौजूद रहे। इधर, अखिल भारतीय किसान सभा ने हड़ताल का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया जिसमें बैंक कर्मियों की मांगे पूरी करने, किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने, मनरेगा मजदूरो को काम दिलाने आदि मांगे की गईं। इस मौके पर प्रेमपाल, ब्रजभान, सुरेंद्र सिहं आदि मौजूद रहे।