जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, नाले चोक, लोग परेशान
नवरात्र पर शहर के प्रमुख स्थानों पर कूड़े केे ढेर लगे हुए हैं। चाहे ईद हो, होली, दिवाली या अन्य त्योहार, नगर पालिका की ओर से सफाई नही की जाती। सफाई न होने के लिए कौन जिम्मेदार है, नगर पालिका या वे जिम्मेदार लोग भी, जिन पर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का दारोमदार है। लोग भी यह पूछने लगे हैं कि शहर को गंदगी से कब मुक्ति मिलेगी?
नगर के लावेला चौक, बिरुआबाड़ी मंदिर, स्टेशन रोड, सिविल लाइंस, इंद्राचौक, जिला अस्पताल, कृष्णापुरी, महाराज नगर, डीएम रोड, खेड़ा नवादा, काली सड़क, लालपुल, जोगीपुरा, रोडवेज, प्राइवेट बस स्टेंड समेत सभी स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और नाले चोक हैं। नाले चोक होने की वजह से गंदा पानी सड़कों पर भी आ जाता है लेकिन सफाई नहीं की जाती। शहर से बरेली जाने वाले रोड पर विधायक, सांसद, मंत्री और अधिकारी निकलते रहते है, लेकिन रोड पर लगे कूड़े के ढेर को सभी नजरंदाज कर देते हैं।
फिर भी नहीं हो रही सफाई?
नगर पालिका में सफाई व्यवस्था के लिए 365 सफाई कर्मचारी, दो सफाई निरीक्षक, 14 सुपरवाइजर हैं। इसमें 216 स्थाई कर्मचारी, 50 संविदा कर्मी, 55 ठेके पर, 44 बैकलाग के कर्मचारी हैं। फिर भी शहर में सफाई नही हो पा रही है। जबकि सफाई का शेड्यूल सुबह छह बजे से दिन में 11 बजे तक और दोपहर ढाई बजे से पांच बजे तक है।
आखिर कहां होती है सफाई
शहर के लोगों का कहना है कि शहर में 365 सफाई कर्मचारी आखिर कहां सफाई कर रहे हैं? हर जगह गंदगी है, कहीं कूड़े के ढेर लगे है तो कहीं नाली चोक है और कहीं रोड पर गंदा पानी बह रहा है। गंदगी की वजह से पूरा शहर परेशानी से जूझ रहा है।
तो क्या कर रहे हैं विधायक जी
15 दिन पहले ही जीत कर विधायक बने सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने चुनाव के दौरान शहर में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का वायदा किया था लेकिन पूरे नगर में गंदगी के ढेर लगे हुए है। इससे वह भी भलीभांति वाफिक हैं लेकिन कुछ नहीं कर रहे। यह स्थिति तब है जब प्रदेश की सरकार स्वच्छता अभियान पर फोकस कर रही है। डीएम पवन कुमार दो दिन पहले ही शहर में सफाई व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दे चुके हैं। उनकी गंभीरता को देखकर लोगों को लग रहा है कि अब शहर में सफाई नगर पालिका नहीं, प्रशासन के अफसर ही कराएंगे।
हर वार्ड में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सफाई निरीक्षक जा कर सफाई का निरीक्षण करते हैं। समय समय पर मैं खुद जाकर सफाई अभियान चलवाता हूं।
-डालचंद्र भारती, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बदायूं