बदायूं। आतिशबाजी से दीपावली पर कई बार काफी नुकसान होता है। किसी के हाथ जल जाते हैं तो किसी के घर फुंक जाते हैं। इतना ही नहीं आतिशबाजी से निकलने वाले खतरनाक धुआं से वायु की गुणवत्ता खराब होती है। पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ ही धन का भी व्यर्थ खर्च होता है। प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर की ओर जा रहा है। इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे। दीपावली पर आतिशबाजी से ज्यादा जोर दीपों से अंधियारा दूर करने पर होना चाहिए।
वायु की खराब हो रही गुणवत्ता को सुधारने और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सभी को इस पर ध्यान देने की जरूरत है कि दीपों के त्योहार को पटाखों की शोर में न दबाएं। इसके लिए हम सभी को जागरूक होने की जरूरत है। दीपों के इस त्योहार पर पटाखों की बजाय दीप जलाकर धरा के कोने-कोने को रोशन करें। आतिशबाजी से कहीं न कहीं खतरा तो रहता ही है। इसलिए बेहतर है कि आतिशबाजी छोड़ कर वायु प्रदूषण को बढ़ाने के स्थान पर दीप जलाकर वातावरण को रोशन करें। जागरूक लोगों का कहना है कि आतिशबाजी न छोड़ने का सभी को संकल्प लेना होगा। दीपावली पर घर के आंगन में कई रंगों से रंगोली सजाकर उस पर दीप जलाना सभी को अच्छा लगता है। बढ़ते प्रदूषण और आतिशबाजी के खतरों को देखते हुए काफी लोग इस दीपावली पटाखे छोड़ने के स्थान पर रंगोली बनाकर दीप जलाने पर जोर दे रहे हैं।
आतिशबाजी की एक चिंगारी काफी नुकसान कर देती है। कई बार आतिशबाजी से हमारा थोड़ा सा मनोरंजन दुख का कारण भी बन जाता है। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना हम सभी का कर्तव्य है। इस बार संकल्प लेना होगा कि आतिशबाजी से प्रदूषण नहीं होने देंगे।
- पपनेश गुप्ता, व्यापारी
पटाखों से वातावरण प्रदूषित होता है, सेहत को खतरा है और रुपयों की भी बर्बादी होती है। आतिशबाजी और पटाखों से कोई फायदा नहीं है। इसलिए खुशियों और प्रेम के लिए इस बार पटाखों से दूर रहने का सभी को संकल्प लेना होगा। दीपावली दीपों से मनाएं।
- विनोद गुप्ता, व्यापारी
आतिशबाजी से कई बार त्योहार की खुशी काफूर हो जाती है। आतिशबाजी से दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। इसके साथ ही पटाखों से निकलने वाला धुआं हमारे शरीर को काफी नुकसान पहुंचाता है। लोगों को आतिशबाजी से दूर करने की जरूरत है।
- डॉ. सुमित माहेश्वरी, चिकित्सक
आतिशबाजी और पटाखों का शोर किसी को अच्छा नहीं लगता। यहां तक कि पशु-पक्षियों को भी पटाखों से शोर से पीड़ा होती है। सभी को चाहिए कि अपने-अपने घरों में बच्चों को आतिशबाजी न छोड़ने को लेकर जागरूक करें। दीपावली पर दीप जलाएं।
- चौधरी रामकुमार, आम नागरिक