बदायूं। दीपावली की रौनक के साथ ही हवा में घुलता धुआं और प्रदूषण अस्थमा और सांस संबंधी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। अस्पताल में अतिरिक्त चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।
पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर दीपावली के दौरान अस्थमा, एलर्जी और सांस की तकलीफ से ग्रसित मरीजों की संख्या में इजाफा होता है। इसे देखते हुए इस बार पहले से ही आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं। बर्न वार्ड के साथ-साथ मेडिसिन वार्ड और इमरजेंसी यूनिट में भी अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती की गई है।
अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक दवाओं, नेब्युलाइजर और अन्य उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया है। जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. नितिन सिंह ने बताया कि दीपावली पर वायु प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा रोगियों को दिक्कत हो सकती है। ऐसे में मरीजों को पटाखों और धुएं से दूरी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खासतौर पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित इलाकों से दूर रखा जाए। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को सांस की परेशानी रहती है, वे इन दिनों मास्क का प्रयोग जरूर करें और अपनी दवा नियमित रूप से लें।
सिलिंडर की रहेगी अतिरिक्त व्यवस्था
जिला अस्पताल में संचालित ऑक्सीजन प्लांट के माध्यम से कई वार्डों में पाइपलाइन से ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा एहतियातन अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलिंडर की भी व्यवस्था की है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके।
अस्थमा से बचाव के उपाय
- पटाखों और धुएं से दूरी बनाकर रखें।
- घर के अंदर एयर प्यूरिफायर या पौधे रखें।
- सुबह-सुबह बाहर टहलने से बचें।
-डॉक्टर की ओर से बताई दवा समय पर लें
- बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित जगहों पर न ले जाएं।
- जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल में संपर्क करें।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
पुलिस-112
फायर-101
एंबुलेंस-108, 102
मुख्य चिकित्साधिकारी-8005192645
डीएम- 9454417525
एसएसपी-9454400252
सिटी मजिस्ट्रेट- 9454415832
फायर बिग्रेड -8853704034
अधीक्षण अभियंता बिजली-7599560221
दीपावली पर बढ़ता वायु प्रदूषण अस्थमा और सांस संबंधी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। हर साल दीपावली पर ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में पूरी तैयारी कर ली गई है। सभी वार्डों में पर्याप्त दवाएं, नेब्युलाइजर और ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की अतिरिक्त ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि किसी भी मरीज को उपचार के लिए इंतजार न करना पड़े। -डॉ. अमित वार्ष्णेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
डॉ. अमित वार्ष्णेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक