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दिवाली बाजार में ‘मेक इन इंडिया’ का क्रेज

Sun, 08 Nov 2015 08:19 PM IST
बदायूं
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लोगों में स्वदेशी वस्तुएं उपयोग करने का क्रेज बढ़ रहा है। इसका असर दिवाली के बाजार में भी नजर आया। दिवाली को लेकर चाइनीज आइटमों से बाजार पटा पड़ा है, लेकिन ‘मेक इन इंडिया’ का क्रेज बढ़ने से चाइनीज आइटमों की बिक्री पहले जैसी नहीं हो रही है। तमाम लोग भारत में बनी झालरों की मांग कर रहे हैं, लेकिन इनकी उपलब्धता न होने पर दीपक और अन्य स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसमें मिट्टी के दिए, कुरुए और दीमट लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।
बाजार में 10 से 30 मीटर तक की चाइनीज एलईडी झालरें मौजूद हैं। साथ ही राउंड लोटस, मूर्तियां, कलर पाइप, वॉल आदि चाइनीज आइटमों की बिक्री हो रही है। इसके साथ ही अन्य परंपरागत जैसी चाइनीज दिए सामान भी बिक रहा है। लोगों ने दीपावली की खरीदारी करके घरों को सजाना शुरू कर दिया है। मिट्टी से बने गणेश-लक्ष्मी, दिए, कुरुए और दीमट लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। पीओपी से बने गणेश-लक्ष्मी भी दुकानों की शोभा बढ़ाए हुए हैं। कुम्हार अनिल का कहना है कि दिए 40 रुपये सैकड़ा, कुरुए तीन रुपये और दीमट दो रुपये में बिक रहा है।
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खील-खिलौनों की दुकानों पर उमड़ रहे ग्राहक
बदायूं। दिवाली पर गणेश-लक्ष्मी के पूजन के लिए खरीदी जाने वाली खील-खिलौनों की बिक्री जोरों पर है। खासी संख्या में ग्राहक उमड़ रहे हैं। दुकानदार दीपक कहते हैं कि खील और खिलौनों की बिक्री 50 रुपये प्रति किलो हो रही है।
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चाइनीज दिए और एलईडी झालर  
बदायूं। इस बार चाइनीज एलईडी झालर और जैली से जलने वाले दियों की बिक्री हो रही है। बाजार में 10, 15, 20 और 30 मीटर की झालरें हैं, जिनकी कीमत 40 से लेकर 360 रुपये तक है। जैली से जलने वाले दियों का छह पीस का सेट 80 रुपये का बिक रहा है।
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सोना-चांदी सस्ता, बिक्री फिर भी कम
बदायूं। दिवाली की तुलना में सोना और चांदी दोनों सस्ते हैं, फिर भी बिक्री कम हो रही है। गत वर्ष से सोना 400 और चांदी 36 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता है। दिवाली से पहले चांदी के सिक्के और मूर्तियों के साथ गहनों की बिक्री हो रही है। इस बार पुराना सिक्का 700 रुपये, तो नया गणेश-लक्ष्मी का सिक्का 350 रुपये का बिक रहा है। साथ ही चांदी के नोटों की बिक्री भी हो रही है।
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परंपरा निर्वहन को खरीदते सोना-चांदी: अवनेश
बदायूं। सर्राफा कारोबारी अवनेश कुमार कहते हैं कि गेहूं और मेंथा की फसल बर्बाद होने की वजह से किसान परेशान हैं। इसलिए बिक्री कम हो रही है। लोग परंपरा निर्वहन करने के लिए सोना और चांदी नाममात्र खरीदते हैं।
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चाइनीज आइटमों की बिक्री आधी: मुरारीलाल
बदायूं। इलेक्ट्रिकल्स कारोबारी मुरालीलाल सचदेवा कहते हैं कि चाइनीज आइटमों की बिक्री गत वर्ष से आधी रह गई है। फिर भी चाइनीज आइटमों की मांग है। तमाम ग्राहक भारत में बना माल मांग रहे हैं।
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