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जिले का नंबर वन अपराधी पुलिस को बना चुनौती, तीन साल में भी नहीं लग सका सुराग

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बदायूं। जिले के सबसे बड़े अपराधी सुमित को जमीन खा गई या आसमान निगल गया, अब तक ये पता नहीं चल सका है। जिला कारागार से उसे फरार हुए तीन साल पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन उसकी गिरफ्तारी तो दूर उसका सुराग तक नहीं लगा है। उस पर दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित है और जिले की टॉपटेन सूची सबसे पहले नंबर का अपराधी बताया जा रहा है।
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मुरादाबाद जिले का रहने वाला अपराधी सुमित जिला कारागार से 12 मई 2018 को रात आठ बजे दीवार फांदकर फरार हो गया। उसके साथ शातिर अपराधी देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह ने भी भागने की कोशिश की, लेकिन वह दीवार नहीं फांद सका था। इससे चंदन सिंह जेल में ही रह गया था, जबकि सुमित जिला कारागार के अलावा जिले से निकलने में कामयाब रहा। जब से वह फरार हुआ है, तब से पुलिस उसको तलाश करने का दावा कर रही है। शुरुआती दौर में पुलिस ने काफी खोजबीन की थी। सुमित को फरार कराने वाले भी पकड़े थे, लेकिन वह कोई ठोस पता नहीं बता सके।
अपराधी सुमित पर पुलिस दो लाख रुपये का इनाम लगा चुकी है। वह जिले के टॉपटेन अपराधियों में सबसे पहले नंबर का अपराधी बताया जा रहा है। इसके बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लगा है। आज भी पुलिस उसको तलाश करने का दावा कर रही है। कहा जा रहा है कि अब तक जो कड़ियां मिलीं थीं। उससे आगे की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। परंतु उसका कोई ठोस नतीजा हासिल नहीं हुआ है।
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एसटीएफ और जिलों की पुलिस भी तलाश में
दो लाख रुपये के अपराधी सुमित की तलाश सिर्फ बदायूं पुलिस ही नहीं, उसकी तलाश में एसटीएफ भी लगी हुई है। इसके अलावा बरेली, मुरादाबाद पुलिस भी अपराधी को तलाश कर रही है। ये भी अनुमान लगाया जा रहा है कि सुमित किसी दूसरे देश में भाग गया है। उनमें नेपाल जाने की संभावना ज्यादा लग रही है।
ये मामला काफी पुराना है। चूंकि अपराधी शातिर है। इससे पुलिस पहले से चौकन्नी है। पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई है। जैसे ही कोई सुराग लगेगा, उस पर काम करना शुरू कर दिया जाएगा। अभी उसकी तलाश चल रही है।
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विनय कुमार द्विवेदी, सीओ सिटी
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