बदायूं। जिलेभर में विकास कार्य कराने के लिए जिला पंचायत को भरपूर बजट मिला, लेकिन जिला पंचायत 28.30 करोड़ रुपये दबाए बैठी है। यही कारण है कि जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं हुए हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12.30 करोड़ रुपये मिले थे, जो एक साल पांच माह में भी खर्च नहीं हो सके। बजट खर्च न होने के कारण नए वित्तीय वर्ष में शासन की ओर से 15वें वित्त की ग्रांट जारी नहीं की गई। इसी तरह पंचम वित्त में वर्ष 2025-26 में 23 करोड़ में करीब 20 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। इसके बाद पंचम वित्त वर्ष 2026-27 में 13 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली, जो खर्च नहीं की गई। जिम्मेदारों की अनदेखी की वजह से आमजन को सड़क, नाली, खड़ंजा सहित कई सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।
जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष समेत 51 सदस्य हैं। इनके जरिये जिलेभर में आमजन के हित में विकास कार्य कराए जाते हैं। इसको लेकर हर बार सदस्य बोर्ड बैठक में अपना प्रस्ताव एएमए और जिला पंचायत अध्यक्ष को देते हैं, लेकिन जिला पंचायत की ओर से उनके प्रस्ताव की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर बात करें तो 15वें वित्त से जिला पंचायत को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12.30 करोड़ रुपये की रकम मिली, लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्त और नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए करीब पांच माह हो गए, इसके बावजूद पिछले वित्तीय वर्ष की धनराशि का एक भी रुपये खर्च नहीं हो पाया है। वहीं, पंचम वित्त में भी पिछले वित्तीय वर्ष की करीब 23 करोड़ रुपये आया था। इसमें से तीन करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होने से बची हुई है। ऐसे में सवाल है कि जब पहले से मिली धनराशि ही खर्च नहीं हो पा रही है, तो जिले में नए विकास कार्यों के लिए बजट का उपयोग कैसे होगा।
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एक तरफ बजट की जरूरत, दूसरी तरफ खर्च में सुस्ती
- जिले में जिला पंचायत के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम विकास कार्य प्रस्तावित किए जाते हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण लंबे समय से सड़कों, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग करते रहे हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये उपलब्ध होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं होना गंभीर स्थिति है। 15वें वित्त से नए बजट का इंतजार है, जबकि पिछली धनराशि का बड़ा हिस्सा अभी खर्च नहीं हुआ है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि नई धनराशि मिलने के बाद उसका समय से उपयोग कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।
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वर्जन-
-15वें वित्त का 12.30 करोड़ रुपये पिछले वर्ष का बकाया है। इस बार शासन की ओर से धनराशि जारी नहीं गई है। किन वजह से पुराने कार्य योजनाओं पर काम नहीं पाया है। इसको दिखवाकर जांच कराई जाएगी।
-विनोद कुमार सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत बदायूं