बदायूं। दीपावली जहां खुशियों और प्रकाश का प्रतीक है, वहीं पटाखों की धमक के बीच हर साल कई परिवारों की खुशी मातम में बदल जाती है। इस बार किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अस्पताल के बर्न वार्ड में अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई है, जबकि इमरजेंसी और ट्रॉमा यूनिट को भी पूर्ण रूप से तैयार रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके। इमरजेंसी सेवा 24 घंटे सक्रिय रहेगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमओ) डॉ. अमित वार्ष्णेय ने बताया कि दीपावली के दौरान हर साल जलने और पटाखों से घायल होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में पहले से ही पर्याप्त मात्रा में दवाएं, ड्रेसिंग सामग्री, इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। बर्न वार्ड में नर्सिंग स्टाफ की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है, जबकि सर्जन और फिजिशियन को भी बैकअप ड्यूटी पर रखा गया है।
उन्होंने बताया कि सभी संबंधित को अलर्ट मोड पर रखा गया है। फार्मेसी, ब्लड बैंक, लैब और एक्स-रे विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे दीपावली की रात विशेष निगरानी पर रहें।
इमरजेंसी वार्ड 24 घंटे रहेगा सक्रिय
इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त डॉक्टरों की टीम बनाई गई है जो दीपावली की रात से लेकर अगले 48 घंटे तक ड्यूटी पर रहेगी। वहीं, सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि सभी सीएचसी और पीएचसी को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे पटाखों से घायल होने वाले मरीजों के इलाज के लिए तैयार रहें। प्राथमिक उपचार के बाद जरूरत पड़ने पर मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जाएगा।
जनजागरूकता अभियान भी शुरू
अस्पताल प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी शुरू किया है। शहर में सोशल मीडिया के जरिये लोगों से अपील की जा रही है कि वे पटाखे फोड़ते समय सावधानी बरतें। खासतौर पर बच्चों को बड़ों की देखरेख में ही आतिशबाजी करने दें। डॉक्टरों का कहना है कि आतिशबाजी करते समय सूती कपड़े पहनना सुरक्षित रहता है, जबकि सिंथेटिक कपड़ों से आग जल्दी लग सकती है।
दीपावली को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गईं हैं। हालांकि लोग ध्यान दें कि हादसे की स्थिति में अफरातफरी न करें, बल्कि तुरंत एंबुलेंस नंबर 108 या 102 पर संपर्क करें। समय रहते अस्पताल लेकर पहुंचे। -डॉ. अमित वार्ष्णेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
पटाखों से जलने पर क्या करें-
-जले हुए हिस्से को तुरंत ठंडे पानी (10–15 मिनट तक) में रखें।
- बर्फ सीधे त्वचा पर न लगाएं, इससे और चोट लग सकती है।
- जले हुए हिस्से को हल्के साबुन और पानी से धीरे-धीरे साफ करें।
- छाले न फोड़े, क्योंकि फोड़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
- लालिमा, पीप, तेज दर्द, सूजन या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
-चेहरे, आंखों, हाथ, पैरों या बड़े हिस्से पर गहरी जलन हो तो फौरन नजदीकी अस्पताल या बर्न सेंटर में जाएं।
- जले व्यक्ति को अग्नि और धुआं से दूर रखें।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क-
पुलिस-112
फायर-101
एंबुलेंस-108, 102
मुख्य चिकित्साधिकारी-8005192645
डीएम- 9454417525
एसएसपी-9454400252
सिटी मजिस्ट्रेट- 9454415832