इस्लामनगर। ग्राम ब्यौर कासिमाबाद में प्रभात फेरी के मार्ग को लेकर बृहस्पतिवार भोर के समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई। समुदाय विशेष द्वारा पुराने मार्ग से प्रभात फेरी निकाले जाने पर आपत्ति जताए जाने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और प्रभात फेरी को दूसरे मार्ग से निकलवाया।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कई सालों से प्रभात फेरी निकाली जाती रही है। लगभग दस वर्ष पूर्व सपा सरकार के समय एक समुदाय विशेष की आपत्ति के बाद प्रभात फेरी का मार्ग बदल दिया गया था। इस बार ग्रामीणों ने प्रभात फेरी पुराने मार्ग से निकालनी शुरू कर दी। इसी को लेकर भोर के समय समुदाय विशेष के लोगों ने थाना पुलिस को फोन कर आपत्ति दर्ज कराई।
सूचना मिलते ही थाना पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से प्रभात फेरी अन्य मार्ग से निकालने को कहा। इस पर ग्रामीण तैयार नहीं हुए। प्रभात फेरी निकलने के बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। थाने में हुई बैठक में हिंदू पक्ष पुराने मार्ग से ही प्रभात फेरी निकालने पर अड़ा रहा, जबकि प्रशासन ने शांति व्यवस्था के मद्देनजर पहले से तय मार्ग से ही प्रभात फेरी निकालने की बात कही।
वहीं मुस्लिम पक्ष भी पहले बदले गए मार्ग पर दोबारा प्रभात फेरी निकाले जाने को लेकर अपनी आपत्ति पर अड़ा रहा। दोपहर तक चली बैठक के बाद भी कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। इसके बाद दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट गए। बैठक में क्षेत्राधिकारी बिल्सी संजीव कुमार और नायब तहसीलदार बिसौली गिरजा शंकर यादव भी मौजूद रहे।
प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह ने बताया कि गांव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
दस साल पहले हुआ था समझौता
ग्रामीणों के मुताबिक, लगभग दस वर्ष पूर्व समाजवादी सरकार के दौरान गांव में एक समुदाय विशेष की आपत्ति के बाद मुख्य मार्ग से प्रभात फेरी निकालने पर रोक लगाते हुए आपसी समझौता कराया गया था। उसी समय प्रभात फेरी का मार्ग बदला गया था। अब निजाम बदलने के बाद ग्रामीण पुनः पुराने मार्ग से प्रभात फेरी निकालने की मांग कर रहे हैं, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।