बदायूं। शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को गंगा में नरौरा डैम से 3857 क्यूसेक अधिक पानी छोड़े जाने के बावजूद कछला मीटर गेज पर जलस्तर छह सेमी घटा है। बाढ़ खंड के अधिकारियों के अनुसार इसकी वजह कटान होने से पानी का फैलाव है। इधर, पानी की अस्त व्यस्त चाल के कारण गंगा में कटान की स्थिति सहसवान और उसहैत क्षेत्र में अभी भी बनी हुई है। खेतिहर भूमि का कटान हो रहा है। रात में किसान मिट्ठी कटने की आवाजें रात को दूर-दूर तक सुनते हैं।
गंगा में शुक्रवार को 1,39,602 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शनिवार को 1,43,454 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया, जो 3852 क्यूसेक अधिक है। इसके बावजूद गंगा का जलस्तर 162.59 से घटकर 162.53 मीटर पर रह गया। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया कि पानी का कछला और सहसवान के बीच विस्तार हो गया। कटान तेज हो गया है। कटान करने के बाद पानी फैल गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद भी मीटर गेज पर छह सेमी मीटर जलस्तर कम हुआ है। इधर, सहसवान और उसहैत क्षेत्र में कटान कर रही गंगा अपनी चौड़ाई बढ़ाने में लगी हुई है। 26 गांवों के लोग आश्रय स्थलों में शरण लिए हैं। बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम के अनुसार बिजनौर डैम से 1,49,034 क्यूसेक और हरिद्वार डैम से 1,53,596 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऊपरी डैम से छोड़े गए पानी का नरौरा डैम पर दबाव बना है।
डीएम ने दिए सतर्कता के निर्देश
कादरचौक। डीएम अवनीश राय ने कहा है कि गंगा के किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता रखी जाए। राजस्व, पुलिस, आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर हैं। डीएम गंगा क्षेत्र के कादरचौक थाना में समाधान दिवस में अध्यक्षता कर रहे थे। गंगा किनारे के गांवों में रहने वाले लोग सुरक्षित रहें, इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर भी निगरानी समितियां सक्रिय की जाएं। संवाद