बदायूं। इस्लामनगर थाना क्षेत्र में बिसौली रोड वनखंडी नाथ मंदिर के पास मुरादाबाद के दैवीय आपदा राहत विभाग में तैनात आपदा विशेषज्ञ का शव रविवार रात उनकी कार में मिला। गोली उनकी लाइसेंसी पिस्टल से ही चली थी। घटना के वक्त वह पत्नी से मोबाइल फोन पर बात करते हुए कार से मुरादाबाद जा रहे थे। अचानक उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया।
परिजन मोबाइल लोकेशन ट्रेस करते हुए घटनास्थल तक पहुंच गए। परिजन उन्हें राजकीय मेडिकल काॅलेज ले गए। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सोमवार को सिविल लाइंस पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया। कासगंज जिले के जयजय राम कॉलोनी निवासी राम निवास के बेटे सुरजीत गौतम मुरादाबाद जिले में दैवीय आपदा राहत विभाग में आपदा विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत थे। शनिवार को वह साप्ताहिक अवकाश होने के चलते घर लौटे थे।
रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे मुरादाबाद वापस जाने के लिए घर से निकले थे। वह रास्ते में पत्नी नेहा से मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे थे। इसी बीच सुरजीत गौतम का मोबाइल फोन कट गया। उनकी पत्नी ने दोबारा कॉल लगाई तो मोबाइल फोन स्विच ऑफ निकला। पत्नी ने परिजनों को सूचना दी।
अनहोनी की आशंका के चलते परिजन लोकेशन एप के जरिए इस्लामनगर थानाक्षेत्र के बिसौली रोड पर वनखंडी मंदिर के पास पहुंचे। यहां रोड किनारे सुरजीत गौतम की कार खड़ी मिली। कार के शीशे अंदर से लॉक थे। इस वजह से परिजनों ने कार के पीछे की खिड़की के शीशे तोड़े और अंदर देखा तो ड्राइवर सीट पर सुरजीत गौतम खून से लथपथ हालात में पड़े थे।
परिवार के लोग उन्हें निजी कार से राजकीय मेडिकल काॅलेज ले गए। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना इस्लामनगर पुलिस को दी गई, लेकिन थाने से कोई जिम्मेदार घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। थाने से एक होमगार्ड को निगरानी में लगा दिया गया। देर रात ही राजकीय मेडिकल काॅलेज प्रशासन की तरफ से सिविल लाइंस पुलिस को मीमो भेजा गया। इस आधार पर सिविल लाइंस पुलिस ने सोमवार सुबह शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।
फॉरेंंसिक टीम ने घटनास्थल से संंकलित किए साक्ष्य
घटना एक अधिकारी से जुड़ी होने के बाद भी इस्लामनगर पुलिस की साफ तौर पर लापरवाही सामने आई है। घटना के 12 घंटे बीतने के बावजूद इस्लामनगर पुलिस ने मौके जाकर साक्ष्य को संकलित करने की जहमत नहीं उठाई। घटना के पीछे वजह क्या रही, इसे भी जानने की कोशिश नहीं की गई।
एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंंह के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम सोमवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे घटनास्थल पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने कार के अंदर से मिले लैपटॉप बैग, पिस्टल लाइसेंस का कवर, कपड़ों का बैग, कार की खिड़की, स्टेरिंग समेत अन्य के फ्रिंगर प्रिंट लिए। इसके अलावा कार की बारीकी से जांच पड़ताल की है। टीम को कार की डिग्गी में रखे कपड़ों के बैग में से एक अतिरिक्त मोबाइल मिला है। इसकी भी जांच की जा रही है।
सीने के पार हुई 32 बोर की गोली
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आपदा विशेषज्ञ की मौत 32 बोर की गोली लगने से हुई है। गोली सीने के आरपार हो गई थी। इसके अलावा शरीर पर कोई खरोंच आदि के निशान नहीं मिले है।
पिता बोले- बेटे ने ऐसे क्यों किया, जानकारी नहीं
पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे आपदा विशेषज्ञ के पिता राम निवास ने बताया कि उनके बेटे और बहू नेहा के बीच अच्छे संबंध थे। दोनों ने लव मैरिज की थी। बेटा घर से सामान्य स्थिति में ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में बेटे ने संदिग्ध हालात में गोली मार ली। बेटे ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
परिजनों ने बताया है कि आपदा विशेषज्ञ ने चलती कार में किसी बात से परेशान होकर लाइसेंसी पिस्टल से आत्महत्या की है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। इस्लामनगर पुलिस को भी घटना से अवगत करा दिया गया है। आगे की जांच इस्लामनगर पुलिस करेगी। - मनोज कुमार, इंस्पेक्टर, सिविल लाइंस
मृतक सुरजीत की फाइल फोटो
मृतक सुरजीत की फाइल फोटो