बदायूं। फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की खबर के बाद बदायूं के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों में निराशा है। स्थानीय फुटबॉल अकादमियों में मेसी को अपना आदर्श मानकर खेलने वाले युवा खिलाड़ी मायूस हैं।
कई खिलाड़ी मैदान में मेसी के खेले हुए मैचों की चर्चा करते दिखे। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने मेसी को देखकर ही फुटबॉल को कॅरिअर के रूप में चुना था। खिलाड़ी अंकित ने बताया कि ने बताया कि मेसी का बाएं पैर से फुटबॉल को चिपकाकर पूरी डिफेंस को छकाना देखकर मैं उनका फैन बन गया। उसी दिन तय किया था कि फुटबॉलर बनना है। आज उनके संन्यास की खबर से ऐसा लग रहा है जैसे फुटबॉल का एक पूरा युग खत्म हो गया। महिला फुटबॉलर नेहा शर्मा ने कहा कि मेसी ने साबित किया कि विनम्र रहकर भी महान बना जा सकता है। सभी ने एक स्वर में कहा कि मेसी मैदान से भले दूर हो गए, लेकिन उनका जादू और उनकी प्रेरणा हमेशा मैदान पर जिंदा रहेगी। फुटबॉलर चांद मोहम्मद ने बताया कि प्रैक्टिस के दौरान मेसी के वीडियो देखते हैं। खिलाड़ियों के लिए मेसी सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक इमोशन थे।
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मेसी ने यह सिखाया कि सफलता के लिए लंबा कद नहीं, बड़ा जुनून चाहिए। खेलते समय उनके स्टेप को फॉलो करने फायदा मिलता है।
रजित यादव, फुटबॉलर
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जिस खिलाड़ी को आदर्श मानते हो और उसे खेलता हुआ न देखना उसके फैन के बहुत बुरा लगता है।
इमदाद हुसैन,
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मेसी ने जिस तरह फुटबाॅल में अपना नाम कमाया वह हम खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है, उनके खेल को देखना हमारा सौभाग्य रहा।
रेहान शाह
रचित यादव, फुटबॉलर
रचित यादव, फुटबॉलर
रचित यादव, फुटबॉलर