बेसिक शिक्षा विभाग में ढूंढा जाए तो लापरवाह शिक्षकों की एक लंबी चौड़ी फौज निकलकर सामने आ जाएग। कई बार निरीक्षण में खुलासे होते भी रहे हैं। वहीं एक शिक्षक ऐसे भी हैं, जो लापरवाह तो हैं ही साथ ही झगड़ने की प्रवृत्ति के लिए भी विभाग में फेमस हैं। इसके चलते कई बार निलंबन जैसे परिणामों से भी गुजरना पड़ा। वर्तमान की बात करें तो करीब दो साल से यह शिक्षक अपने स्कूल से नदारद चल रहे हैं। पता लगाने की कई बार कोशिश भी की, घर के पते पर चिठ्ठी भी भेजी लेकिन इनका कोई पता नहीं चला। विभाग पड़ताल में जुटा है। लिहाजा इस पर अब जांच बैठा दी गई है।
मामला कई साल पुराना है। बताते हैं कि एक शिक्षक रजपुरा (अब संभल जिले में) के विद्यालय में तैनात थे। यहां उन्होंने एबीएसए और स्टाफ से लड़ाई की थी, मामला मारपीट तक पहुंच गया था। इसे देखते हुए शिकायत के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर इनका ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद वह दातागंज के तरतपुर आ गए। इसके बाद इनका पुन: स्थानांतरण कर दिया गया और बिसौली तहसील के आसफपुर ब्लॉक एक स्कूल में तैनात कर दिया गया। जानकारों की माने तो यहां भी शिक्षक की हरकतें कम नहीं हुई। लापरवाही के अलावा अभद्र व्यवहार जारी रखा। इतना ही नहीं जैतपुर में तैनाती के दौरान अभिलेख भी गायब कर दिए। जिसका पता चलने पर उस वक्त रहे एबीएसए ने एफआईआर दर्ज करा दी और निलंबित भी कर दिया गया। इसके बाद मामला चलता गया। बाद में इन्हें फिर बहाल करते हुए उसावां के एक स्कूल में भेज दिया गया। बताते हैं कि अब से करीब दो साल भेजे गए शिक्षक ने आजतक ज्वाइन नहीं किया और बिना किसी सूचना दिए गायब हो गया और आजतक गायब ही चल रहा है। जानकार बताते हैं कि कई बार पता लगाने की कोशिश भी की गई लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। लिहाजा इसे देखते हुए विभाग ने इस पर जांच बैठाने का निर्णय लिया। इस पर जांच के लिए बीईओ जगत को कहा गया है।
जिस शिक्षक की बात हो रही है वह विवादित रह चुके हैं। लापरवाही और अभद्र व्यवहार करते थे। अभिलेख गायब करने पर एफआईआर भी हो चुकी है। इनका ट्रांसफर बाद में उसावां ब्लॉक किया गया था। पता लगा है कि अभी तक ज्वाइन नहीं किया और करीब दो साल से यह गायब है।
-मजहरूल इस्लाम, बीईओ,आसफपुर।
मुझे जांच के लिए मौखिक तौर पर बताया गया है। जैसे ही लिखित में जांच के आदेश मिलते हैं। वैसे ही आदेश का पालन कर जांच की जाएगी।
-सोमनाथ विश्वकर्मा, बीईओ जगत।
शिक्षक का उसावां ट्रांसफर किया गया था। उन्होंने आज तक ज्वाइन नहीं किया। इसे लंबा समय हो चुका है। विभागीय अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है।
-भानु शंकर गंगवार, बीईओ, उसावां।