न सफाई होती है, न उठाया जाता है कूड़ा, जलभराव से हो सर्वत्र नरक
अब तक बीमारियों ने भी पसार लिए हैं पांव
पालिका की सेहत पर नहीें है कोई असर
क्या ऐसे ही होगा नीट एंड क्लीन बदायूं
देश-प्रदेश में स्वच्छता को लेकर विभिन्न कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके विपरीत शहर के मुहल्ला ब्राह्मपुर वासियों के लिए सब कुछ बेमानी है। यहां गलियों में फैली गंदगी और कीचड़ ने लोगों का रहना मुहाल कर दिया है। खाना खाने बैठें तो बदबू के मारे निवाला बाहर निकलता है। गंदगी की वजह से नलों का पानी पीने लायक नहीं रहा। नाला चोक होने से घरों में गंदा पानी भरने से बीमारियां पैर पसार रही हैं। नगर पालिका का सफाई कर्मचारी मोहल्ले में पहुंचता है, लेकिन इधर-उधर घूमकर लौट जाता है। वहां के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत नगर पालिका से की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर में कीचड़ और गंदगी की वजह से हालात बद से बदतर हैं। यदि यहां के लोगों की बात पर विश्वास किया जाए तो लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। सड़कों पर कूड़ा पड़ा रहता है। नाले-नालियां कीचड़ से बजबजाती रहतीं हैं। मामूली बरसात में ऐसा जलभराव होता है जैसे मानो कोई तालाब है। निकलने में दिक्कते होती है। कीचड़,जलभराव और गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। लोगों को कई दिनों से बुखार भी आ रहा है। फिलहाल मोहल्ले में इमली चौक, कुम्हारों वाली गली में रहने वाले करीब सौ-डेढ़ सौ परिवारों को इन गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
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मोहल्ले की आबादी है डेढ़ हजार: मोहल्ला ब्राह्मपुर में करीब एक डेढ़ हजार लोगों की आबादी है। जो टूटी सड़क, जलभराव, कीचड़, गंदगी की विभिन्न समस्याओं से ग्रस्त हैं।
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रजी से इमली चौक तक जाने में छूटते हैं पसीने: रजी चौक से इमली चौक गली में मस्जिद के पास गली में जलभराव बना है। वहां से बच्चों और महिलाओं को निकलने में काफी दिक्कत होती है। कई बार लोग गिर भी जाते हैं।
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यहां तो निकलने को जगह ही नहीं है: इमली चौक से ब्राह्मपुर अंदर को ओर जाने वाली गली में तो निकलने की जगह ही नही है। पूरी गली में बहते हुए गंदे पानी से निकलने से हर कोई कतराता है। इमली चौक कुम्हारों वाली गली में तो गंदगी और जलभराव से लोगों में आक्रोश है।
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वाह-गली को ही बना दिया कूड़ाघर :जवाहर चौक के सामने गली में तीन-चार साल से कूड़ाघर बना दिया गया है। वहां कूड़ा पड़ने से घरों में लोग बीमार पड़े हुए हैं। इसके अलावा निकलने के लिए दूसरी गली से घूम कर जाना पड़ता है। लोगों ने बताया कि इसके लिए नगर पालिका में कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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तीन सौ मीटर दूर से लाना पड़ता है पानी: यह महिला दो डिब्बे हाथ में लेकर नहाने, पीने और कपड़े धोने को पानी के लिए दिन भर में चार चक्कर लगाती है। राजश्री ने बताया कि तीन-चार महीने से टंकियों में पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में हैंडपंप से पानी भर कर लाना पड़ता है।
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सिर्फ गुटखा खाने आता है सफाईकर्मी: ब्राह्मपुर में एक दुकानदार ने कहा कि सफाई कर्मचारी आता है, लेकिन इधर-उधर दुकानों पर गुटखा खाकर चला जाता है। कहता है कि पालिका की ओर से सिर्फ ड्यूटी पर जाने के लिए कहा गया है न कि सफाई करने के लिए। मोहल्ले वाले कुछ कहते हैं तो झगड़ा करने पर उतारू हो जाता है।
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क्या कहते हैं लोग
उमा आर्या का कहना है कि यहां सफाई कर्मचारी नहीं आता है। अगर आता है तो सिर्फ बैठकर चला जाता है। जिसकी वजह से गंदगी की समस्या बनी हुई है। इससे निजात मिलनी चाहिए।
आकाश शर्मा ने बताया कि जगह-जगह गंदगी और कीचड़ हैं। ऐसे में ं संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। लोग बीमार पड़े हैं। यहां रहना मुश्किल है। अब यहां घर बना है तो कैसे भी गुजारा करें। कई बार पालिका प्रशासन से शिकायत की मगर नतीजा आज तक शून्य ही रहा है।
महिला राजश्री ने बताया कि पानी की सप्लाई ही नही आती है। नाला खुला पड़ा है। बच्चे गिर जाते हैं। कई बार बच्चा गिर जा चुका है, पता नही यह सजा कब तक भुगतनी पड़ेगी।
रोजा के सामने गली में रहने वाले राजेंद्र पाठक ने बताया कि जब नाला साफ हुआ तो गंदगी गली में डाल दी थी, लेकिन उसके बाद आज तक गंदगी नही हटाई गई। गली को ही कूड़ादान बना दिया है। सो पूरा परिवार बीमार है।
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ईओ को निर्देशित कर मोहल्ले में क्या समस्याएं हैं उनको दिखवाकर समाधान कराया जाएगा। जो सफाई कर्मचारी सही से कार्य नहीं करते हैं, उनकी जांच करा कार्रवाई की जाएगी।
-अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
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गंदगी और जलभराव से संक्रमण होता है।, मलेरिया, उल्टी, दस्त, लीवर में कमी आदि गंभीर बीमारियां होती हैं। गंदगी वाले स्थानों से लोगों को दूर रहना चाहिए।
- डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ