गुरुवार को दिनभर रिमझिम बारिश होती रही। शीत के थपेड़ों से बेहाल लोग
बारिश से और परेशान हुए। शहर में कई जगह जलभराव परेशानी का सबब बना।
बर्फीली हवाओं के कारण पशु-पक्षी तक बेहाल हो उठे। सार्वजनिक स्थानों पर
अलावों पर भीड़ लगी रही।
सावन-भादो के महीने की तरह पूरे दिन रिमझिम
बारिश होती रही। ऊपर से शीत लहर की मार भी जारी रही। इससे लोग ठिठुरने पर
मजबूर दिखे। बिगड़ते मौसम ने पशु-पक्षियों को भी ठौर के लिए भटकने को मजबूर
कर दिया। ठंड बढ़ जाने के कारण लोग अलाव के सहारे रहे। बाजारों में भी
सन्नाटा रहा। बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या काफी रही।
ठंड के कारण
सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। गुरुवार को रिमझिम बारिश के
बीच न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहा। ठंडी हवाओं की रफ्तार नौ से
11 किमी प्रति घंटा रहीं। शीतलहर के कारण बहुत जरूरी होने पर ही लोग घर से
निकले। लोगों का पूरा दिन कं पकंपाते हुए बीता।
केवल बूंदाबांदी में ही हो गया जलभराव
गुरुवार
को सुबह से शाम तक हुई रिमझिम तो कभी तेज बारिश से शहर के कई स्थानों पर
फिर जलभराव का संकट गहरा गया। गांधी ग्राउंड पनबड़िया उपकेंद्र रोड,
शहबाजपुर में जलभराव से लोग परेशान रहे। रोडवेज का बस अड्डा परिसर तालाब
में तब्दील हो गया।
पशु-पक्षी बेहाल, ठिकानों को तरसे
शीत
लहर के बीच बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। पशु-पक्षियों को शीत और
बारिश के कारण ठिकाना तलाशते ही दिन बीता। सड़कों-गलियों के कुत्ते भीगते
घूमते रहे। बंदर जमघट लगाकर ठंड और बारिश से बचने के प्रयास में रहे।