बदायूं। परामर्श के लिए डाॅक्टर, दवा देने के लिए फार्मासिस्ट और जांच के लिए प्रयोगशाला सहायक सब एक छत के नीचे मिल जाएं। इसी मंशा से शासन ने आरोग्य मेले का आयोजन शुरू किया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सही मायने में इन मेलों में अव्यवस्थाओं का अंबार है। अधिकारी इनका निरीक्षण न कर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।
आरोग्य मेले में कहीं-कहीं तो डाॅक्टर ही नहीं पहुंच रहे हैं, ऐसे में फार्मासिस्ट को मरीज अपना दर्द बताकर दवाई ले रहे हैं। रविवार को सुबह दस से शाम को चार बजे तक आरोग्य मेला लगा। कादरचौक, हजरतपुर, अलापुर में रविवार को अव्यवस्था देखने को मिली। नौली हरनाथपुर का अस्पताल बंद मिला। बगरैन, रुरानबीगंज, कछला, सहसवान के अस्पताल में मेला लगा और दवाई मिलीं और डाॅक्टर भी बैठे। सहसवान में डाक्टर एक घंटे देरी से पहुंचे। अव्यवस्था के बावजूद जिले की 43 न्यू पीएचसी पर 26,43 मरीजों ने दवा के साथ परामर्श प्राप्त किया। अगर व्यवस्था में सुधार हो जाए तो यह संख्या और बढ़ेगी।
एक्सरे मशीन फांक रही धूल
कादरचौक। सरकारी अस्पताल में रविवार को खांसी और बलगम के 43 मरीज पहुंचे। किसी एक का भी एक्सरे नहीं कराया गया, क्योंकि एक्सरे मशीन धूल खा रही है। खांसी के मरीजों से कहा गया कि अगर खांसी ठीक न हो तो एक्सरे कराना पड़ेगा। इसके लिए जिला अस्पताल जाएं या किसी निकटतम ऐसे सरकारी अस्पताल को तलाश लें जहां पर मशीन संचालित हो। कुल 172 मरीज आरोग्य मेला में देखे गए। इसमें 11 की टाइफाइड जांच हुई, दो मलेरिया, तीन की बलगम, एक कुष्ठ रोग, 34 त्वचा रोग व बुखार के 86 मरीज सामने आए। चार को भर्ती कर उपचार किया गया। डाॅ. जीशान लोदी, डाॅ. अरबिंद धवल, फार्मासिस्ट राकेश, ब्रजेश और जांच टीम उपस्थित रही। संवाद
एक बजे अस्पताल मिला बंद, लौट गए मरीज
रहेडिया। सीएचसी सैदपुर की न्यू पीएचसी नौली हरनाथपुर का हाल बेहाल है। दोपहर एक बजे अस्पताल बंद था। यहां बुखार की दवा लेने के लिए गांव का युवा रीतेश मिला। बताया कि बुखार आ रहा है दवा लेने को आए हैं, लेकिन यहां तो ताला लगा मिला। बाकी दिनों में भी पता नहीं लगता कि डॉक्टर कब आए और कब चले गए। संवाद
सहसवान में 11 बजे पहुंचे डॉक्टर, मरीज करते रहे इंतजार
सहसवान। सीएचसी सहसवान की न्यू पीएचसी पर डॉक्टर समेत चार लोगों की तैनाती है लेकिन समय से अस्पताल नहीं पहुंचते। रविवार की पड़ताल में सामने आया कि डॉक्टर समेत स्टाफ 11 बजे पहुंचा। एक घंटे तक मरीज इंतजार करते रहे। यहां 52 मरीजों को दवा दी गई। जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। संवाद
मेले में डाॅक्टर ही नहीं पहुंचे, फार्मासिस्ट ने मरीज देखे
अलापुर। न्यू पीएचसी हजरतपुर में डॉक्टर नहीं हैं। यहां केवल फार्मासिस्ट के हवाले ही अस्पताल रहता है। मेले में सीएचसी से अन्य कर्मचारी बुलाए गए जो 11 बजे मेले में पहुंचे। तब तक मरीज लौटकर चले गए। 11 बजे के बाद आए 59 मरीजाें ने दवा ली।
सभी न्यू पीएचसी पर आरोग्य मेले का आयोजन कराया गया। जिले में 2,643 मरीजों ने दवा भी ली। 10 से शाम 4 बजे तक डॉक्टर और अन्य स्टाफ को रहकर आने वाले मरीजों का दवा देनी थी। कहीं से कोई शिकायत मिलती है तो जांच करा कार्रवाई कराएंगे।- डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ
हजरतपुर आरोग्य मेले में बैठे फार्मासिस्ट संग अन्य स्टाफ।
हजरतपुर आरोग्य मेले में बैठे फार्मासिस्ट संग अन्य स्टाफ।
हजरतपुर आरोग्य मेले में बैठे फार्मासिस्ट संग अन्य स्टाफ।
हजरतपुर आरोग्य मेले में बैठे फार्मासिस्ट संग अन्य स्टाफ।