पुलिस ने डायल 100 सेवा का लोग लाभ उठाने लगे हैं। सेवा शुरू होने के चौबीस घंटे में डायल 100 को 20 लोगों ने कॉल की। पुलिस ने मौके पर पहुंच तक इन मामलों को निपटाया। कुछ मामलों को थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। हालांकि, कुछ स्थानों पर खराब कनेक्टविटी और स्टाफ नया होने की वजह से परेशानियां भी सामने आईं। गुरुवार को सांसद धर्मेंद्र यादव और ग्राम्य विकास राज्यमंत्री ओमकार सिंह ने डायल 100 सेवा का समारोह पूर्वक शुभारंभ किया था।
यूपी डायल 100 मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके लिए जिले को अत्याधुनिक तकनीकी से लैस 60 गाडिय़ां दी गई हैं। सभी गाडियां थ्री जी इंटरनेट सुविधा के साथ जीपीआरएस तकनीकी से जुड़ी हुई हैं। इन गाडिय़ों को पूरे जिले में अलग-अलग प्वाइंट पर तैनात किया गया है। अगर कोई जरूरतमंद 100 नंबर पर कॉल करता है तो सिर्फ पुलिस 20 मिनट के अंदर उसके पास पहुंच जाएगी। कॉलर की बात लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम में बात होती है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस कंट्रोल रूम कॉलर की लोकेशन तुरंत ही ट्रेस कर लेगा। इसके तत्काल बाद कॉलर के सबसे नजदीक तैनात गाड़ी को वहां रवाना किया जाएगा।
अत्याधुनिक तकनीकी से लैस गाड़ी को भी कॉलर की लोकेशन मिल जाएगी। सेवा शुरू होने के बाद 24 घंटे में जिले में 20 लोगों ने 100 नंबर पर कॉल की। इनमें सबसे ज्यादा तीन-तीन मामले सिविल लाइंस और कादरचौक थानों के हैं।
अब अफसरों को नहीं, डायल 100 पर करिए कॉल
बदायूं। डायल 100 सेवा शुरू होने से पुलिस अधिकारियों को भी राहत मिलेगी। जाहिर है कि अगर कोई पीड़ित अफसरों को फोन करता है तो मौके पर पुलिस को पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। अगर डायल 100 पर कॉल की जाती है तो पुलिस 20 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच जाती है। ऐसे में अगर तत्कालन पुलिस को मौके पर बुलाना है तो अफसरों के स्थान पर 100 नगर पर कॉल करना फायदेमंद रहेगा।
फर्जी कॉलर भी नहीं बच पाएंगे
बदायूं। अगर डायल 100 को कोई फर्जी कॉल करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, अध्याधुनिक तकनीकी से लैस इस सेवा को अगर कोई कॉल करता है तो उसका नाम, पता और लोकेशन तुरंत ही पुलिस को मिल जाती है। अब पुलिस को फर्जी कॉल करने वालों तक पहुंचने में भी दिक्कत नहीं होगी। पहले इसके लिए सर्विलांस सेल की मदद लेनी होती थी। इससे लोकेशन ट्रेस करने में कई-कई दिन लग जाते थे।
कादरचौक में सिग्रल फेल होने से आईं दिक्कतें
कादरचौक। कटरी क्षेत्र के इस थाने में कई ऐसे इलाके हैं जहां मोबाइल टॉवर फेल हो जाते हैं। ऐसे में यहां डायल 100 को दिक्कत आ रही हैं। मोबाइल डाटा टर्मिनल फेल होने की वजह से पुलिस को डीसीआर के जरिए डायल 100 तक सूचनाएं पहुंचानीं पड़ी। इधर, गाडिय़ों में तैनात पुलिस कर्मियों को 12-12 घंटे की ड्यूटी दे रही है। इनके खाने-पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पुलिस कर्मियों को दिक्कत हो रही है।
डायल 100 का पहला दिन अपेक्षा से अच्छा रहा। यह बात सही है कि स्टाफ पूरी तरह से ट्रेंड होने में कुछ समय लगेगा। कुछ इलाकों में नेटवर्क समस्या होने की बात से वायरलेस सेट और फोन से सूचनाएं पहुंचाई जा रही हैं। यह दिक्कतें भी जल्द दूर कर ली जाएंगी।
-अनिल कुमार यादव, एसपी सिटी/नोडल अधिकारी डायल 100