बदायूं। जेठ पूर्णिमा पर सोमवार को कछला गंगा घाट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा। तड़के 4 बजे तक घाट के दोनों किनारे श्रद्धालुओं से भर गए। करीब डेढ़ लाख लोगों के गंगा स्नान करने का अनुमान है। पुरुषोत्तम मास कहे जाने वाले इस पर्व पर श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दान-पुण्य किया।
हवन-पूजन, कन्या भोज कराए गए और जगह-जगह भंडारों का प्रसाद ग्रहण किया। बदायूं के अलावा पीलीभीत, बरेली, मुरादाबाद, चंदौसी, कासगंज, हाथरस, मथुरा, राजस्थान और भरतपुर तक से श्रद्धालु पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर जिलाधिकारी के निर्देश पर कछला चौराहे से स्नान स्थल तक दोनों ओर पुलिस फोर्स तैनात रही। जाम न लगे, इसके लिए तीन पार्किंग बनाई गईं।
श्रद्धालुओं ने स्नान स्थल से 700 मीटर पहले ही वाहन खड़े कर पैदल सफर किया। जगह-जगह पेयजल की सुविधा उपलब्ध रही। पांच स्टीमर पर पुलिस, गोताखोर और पीएसी के जवान लगातार निगरानी करते रहे।
गर्म पानी पर चेयरमैन सख्त
भीषण गर्मी में नगर पंचायत के टैंकरों का पानी 2 घंटे में ही गर्म हो रहा था। नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश लोनिया चौहान ने साइकिल से घाट का निरीक्षण किया। गर्म पानी की शिकायत पर कर्मचारियों को फटकार लगाई। उन्होंने हर घंटे टैंकर में ठंडा पानी भरने के आदेश दिए। ठंडा पानी आने पर टैंकरों पर भीड़ लग गई। घाट के दोनों ओर नगर पंचायत के 6 टैंकर लगाए गए थे।
खोया पाया शिविर में परिजनों से मिलवाए पांच बच्चे
खोया पाया शिविर में गंगा स्नान करने आए पांच बच्चों को बिछड़ने पर परिजनों से मिलवाया गया। इसमें रोशनी पुत्री सुनील, अंकित कुमार पुत्र अवधेश, प्रिंस पुत्र अवधेश शेखूपुर, राजवीर पुत्र चंद्रशेखर, राजा पुत्र गजराज बिछड़ गए। नगर पंचायत कर्मियों ने इन्हें इनके माता-पिता से मिलवाया तो उनके चेहरे खिल गए।
कछला घाट पर स्नान करते श्रद्धालु। संवाद