शरद पूर्णिमा पर गंगाघाट पर हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य अर्जित किया। गंगा स्नान के बाद उन्होंने पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया फिर घाट पर पूजा-अर्चना की। बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए। दोपहर बाद तक चले स्नान के दौरान घाट पर हर-हर गंगे गूंजता रहा।
गंगा स्नान की शुरुआत ब्रह्म मुहुर्त में हुई। रात में गंगाघाट पर पहुंचे हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पुण्य लाभ कमाया। गंगा स्नान का दौर अपराह्न तक चला लेकिन सुबह में नौ बजे भीड़ बढ़ने लगी। बदायूं और कासगंज जिले के छोर वाले चारों घाट पर आस्था के सैलाब के आगे कुछ और नजर नहीं आया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाट पर पूजन किया। गंगा मइया का दुग्धाभिषेक भी किया गया। हर-हर गंगे की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने प्रसाद भी अर्पित किया। बच्चों के मुंडन संस्कार कराए गए। राजस्थान से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहंचे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तहसीलदार सदर आरपी चौधरी, राजस्व निरीक्षक आरएन मिश्रा और ओमबाबू नागेंद्र के साथ प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल मौजूद रहे।