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विकास भवन के प्रशासनिक अधिकारी निलंबित

Tue, 16 Feb 2016 07:55 PM IST
बदायूं
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 हाईकोर्ट में विचाराधीन एक मुकदमे में पैरवी न करने, सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर जालसाजी छुपाने के कारण रिकार्ड न देने पर विकास भवन के प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी शंभूनाथ ने मंगलवार को ये कार्रवाई की। सिंह को विकास खंड दहगवां में संबद्ध किया गया है। इस कार्रवाई से विकास भवन में हड़कंप मच गया है।
सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र सिंह दस फरवरी से अब तक कार्यालय से नदारद हैं। उनके गैरहाजिर रहने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके जादौन को जांच अधिकारी बनाया गया है। बता दें कि वर्ष 1998 में विजेंद्र सिंह विकास भवन में जब स्थापना का कार्य कर रहे थे, तब उन्होंने आरक्षण संबंधी गलत रिपोर्ट तैयार की। उन पर नियुक्तियों में गड़बड़ी करने के आरोप में लगे। इसके अलावा हाईकोर्ट में विचाराधीन एक मुकदमे में पैरवी करने की भी जिम्मेदारी इन्हें ही सौंपी गई थी। इससे संबंधित अभिलेख भी इन्हीं की अभिरक्षा में थे।
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आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी ने अपने उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की। वह न तो मुकदमे की तारीख पर हाजिर हुए और न ही अपनी अभिरक्षा में रखे अभिलेख किसी दूसरे कर्मचारी को उपलब्ध कराए। सीडीओ ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। जिलाधिकारी ने अनुशासनहीनता और शासकीय कार्यों में लापरवाही मानते हुए प्रशासनिक अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब उनका चार्ज वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अनिल कुमार सक्सेना को दिया जाएगा।
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