हार्ट स्पेशलिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं
हृदय रोगियों को लगानी होती है बरेली की दौड़
वीआईपी जिला होने के बाद भी हालात बदतर
भागम-भाग भरी जिंदगी में हृदय रोगियों की तादाद में लगातार इजाफा हो रहा है, इसके बाद भी जिम्मेदार नेता और अधिकारियों का ध्यान जिला अस्पताल के हृदय रोग विभाग की धड़कन पिछले डेढ़ दशक बंद पड़ी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई धर्मेंद्र यादव बदायूं से सांसद हैं। मुलायम सिंह और मायावती भी बदायूं से चुनाव जीत कर मुख्यमंत्री के ओहदे तक पहुंच चुके हैं। बावजूद इसके हालात बदतर हैं।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति किसी से छिपी हुई नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी गंभीर बीमार लोगों को होती है। इनमें हृदय रोगी भी शामिल हैं। जिला अस्पताल में हृदय रोग विभाग तो है। यहां 15 साल से हार्ट स्पेशलिस्ट या कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। ऐसे में हृदय रोग विभाग बंद पड़ा रहता है। इसे कभी डेंगू तो कभी स्वाइन फ्लू वार्ड में तब्दील कर दिया जाता है। हृदय रोगियों के इलाज के नाम पर यहां कुछ नहीं है। ऐसे में उनको बरेली की दौड़ लगानी पड़ी है। कई बार तो इलाज में देरी की वजह से हृदय रोगियों की जान पर बन आती है।
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मेडिकल कॉलेज में भी हार्ट स्पेशलिस्ट नहीं
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज की मंजूरी और काम चालू होने के बाद लोगों में काफी उम्मीद जगी थी। पिछले महीनों मेडिकल कॉलेज में ओपीडी भी चालू हो चुकी है। जल्द इमरजेंसी सेवाएं मुहैया कराने की दिशा में काम चल रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी अब तक हार्ट स्पेशलिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में हृदय रोगियों की उम्मीदों पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है।
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सीएचसी पर धूल फांक रही ईसीजी मशीनें
बदायूं। पिछले साल शासन ने जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी पर ईसीजी सुविधा मुहैया कराई थी। उम्मीद जगी थी कि हृदय रोगियों को जांच के लिए बरेली या फिर निजी अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी होगी। टेक्नीशियन की तैनाती न होने की वजह से जिले की सीएचसी पर ईसीजी मशीनें धूल फांक रही हैं। जांच के नाम पर सिर्फ जिला अस्पताल में ईसीजी सुविधा है, लेकिन हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने की वजह से यह भी बेमानी साबित हो रही है।
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समय-समय पर शासन को जिले में हार्ट स्पेशलिस्ट की तैनाती के लिए लिखा जाता है। उम्मीद है कि मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी सेवाएं शुरू होने के साथ हार्ट स्पेशलिस्ट और कार्डियोलॉकजिस्ट की तैनाती हो जाएगी।
-सुनील कुमार, सीएमओ