बदायूं। जिले में बच्चों के साथ-साथ बड़े लोगों में भी दांतों से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर माह लगभग 400 से 500 मरीज दर्द, कैविटी, मसूड़ों की सूजन और संक्रमण जैसी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में तैनात डॉ. संदीप के अनुसार, पहले की अपेक्षा अब बच्चों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। जंक फूड और मीठी चीजों का अधिक सेवन बच्चों व बड़े लोगों के दांतों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। चॉकलेट, टॉफी, बिस्कुट और कोल्ड ड्रिंक में मौजूद शुगर दांतों में सड़न पैदा करती है।
इसके अलावा नियमित ब्रश न करना और गलत तरीके से सफाई करना समस्या को और गंभीर बना देता है। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ जाती है। अस्पताल में आने वाले ज्यादातर के कैविटी और दांत दर्द की शिकायत मिल रही है। जबकि कुछ मामलों में संक्रमण भी बढ़ा हुआ पाया जा रहा है।
सिविल लाइन निवासी राधेश्याम के 12 वर्षीय बेटे रोहन के दांत में परेशानी हुई, शुरूआत में ध्यान नहीं दिया। अब बच्चों के दांत पूरी तरह से खराब हो गए थे। डॉक्टरों के अनुसार, यदि समय रहते सही आदतें अपनाई जाएं, तो इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
क्या करें-
-दिन में दो बार ब्रश करने की आदत डालें।
-मीठी चीजें खाने के बाद कुल्ला करें।
-हर छह महीने में दंत चिकित्सक से जांच कराएं।
-फल, दूध और कैल्शियम युक्त आहार दें।
-साफ-सफाई और सही ब्रशिंग तकनीक सिखाएं।
क्या न करें-
-ज्यादा चॉकलेट, टॉफी और जंक फूड न दें।
-रात में बिना ब्रश किए सोने की आदत न बनने दें।
-दर्द या कैविटी को नजरअंदाज न करें।
-बोतल या मीठे पेय के साथ सोने न दें।
-दूसरों का ब्रश इस्तेमाल न करने दें।
वर्जन
दांतों की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसका मुख्य कारण जंक फूड और खराब ओरल हाइजीन है। अधिक शुगर वाले खाद्य पदार्थ दांतों में सड़न पैदा करते हैं। यदि समय पर इलाज न कराया जाए तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। शुरुआती स्तर पर ध्यान देने से अधिकांश दंत समस्याओं से बचाव संभव है।
-डॉ. संदीप सिंघल, दंत विशेषज्ञ जिला अस्पताल